मैं काफ़िर बन गया हूँ , तेरे शहर की गलियों के लिए।😢
वक्त ही जिम्मेदार है, इन दिलों की रूसवाई के लिए।💔
ना कसूर तेरा है, ना कसूर मेरा है।😣
खुद वक्त इस खुलूस में बैठा है,😏
कि वो लम्हा तेरा है , या फिर मेरा है।💔😏😢

Subham Lambaशुभम् लांबा 

आलम तन्हाई का – शुभम् लांबा
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