इस बर्गर जैसी हो गई है, जिन्दगी मेरी दों घेरों में घिरी हुई।
(स्वाभिमान😊 + मजबूरियां😔)
और जज्बात (कुछ खट्टे और कुछ मीठै) हमेशा ही बाहर आ जातें हैं 😓।

Burger

शुभम् लांबा 

कसम-कस जिन्दगी की – शुभम् लांबा
4 (80%) 6 votes

Leave a comment

Leave a Reply