माँ तुम मेरी आशा,और अभिलाशा
ममता से भरी अपनो की परिभासा।
तुम साथ मेरे हरदम, बनकर एक साया,
तुमने ही मेरा जीवन महकाया।
हर सुखों मे माँ, तुमने हौशला बढ़ाया,
दुखो की दहलिजो पर चढ़ना सिखाया।
माँ तुम जन्नत की फूल है,
तेरे ही कदमो मे माँ
जन्नत की धूल है।
तुम त्याग हो,तपस्या हो सेवा हो माँ,
माँ फुक से ठंडा किया हुआ कलेबा हो माँ।
माँ तुम अनुष्ठान है,साधना है,जीवन का हवन है,
माँ जिंदगी है,तुम्ही मेरा आत्मा का भवन है।।
Miss u mamma….

Sonam Singh सोनम सिंह,
पटना (बिहार)

माँ तुम मेरी आशा – सोनम सिंह
3.8 (76%) 5 votes

2 Responses

Leave a comment

Leave a Reply