तुम बीन नही कुछ भी मेरा,
मेरी दिन मेरी रात तुम।
मेरी जिंदगी की हर आश तुम।
जाने ना दूंगी दूर कही,
तुम बिन मैं मर जाऊँगी।
बादा है तुमसे ये मेरा,
मैं दूर कभी ना जाऊँगी।
तेरी हर खुशियो के लिए,
मैं हद से भी गुजर जाऊँगी।
मैं शाम तुम सबेरा मेरा,
मैं निर तुम सागर हो।
कभी सोच लिया होता तुमने,
तुम बिन मैं कैसे जी पाऊँगी।
लाश ये जिंदा तन होगा,
मैं जीते जी मर जाऊँगी।
मेरी जीत और हार हो तुम,
मेरी खुशियो का पैगाम हो तुम।
मेरी जिंदगी मे बरदान हो तुम,
मेरी हर एक अरमान हो तुम।
तुम बिन कैसे जी पाऊँगी,
तुम बीन मैं मर जाऊँगी।
तुम बीन मैं मर जाऊँगी।।
M nthing without u

Sonam Singhसोनम सिंह,
पटना (बिहार)

तुम बिन – सोनम सिंह
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