एक प्रेम कहानी: प्रेम कहानी: उसे याद है वो सूखा हुआ गुलाब, याद है निशा के मेहँदी वाले हाँथ, याद है वो ठहरा हुआ वक्त और आँखों ही आँखों में बातें, याद है निशा के आँसू कैसे गालों का सफर करते हुए ठोड़ी पर आकर रुक जाते थे और बारिश की बूंदों की तरह टप

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New Hindi Story: दूध की लालसा – कहानी (विजय सिंह मीणा) बाण गंगा नदी पूरे उफान पर थी । उसके दोनों किनारों पर दूर दूर तक अथाह जल राशि दिखाई दे रही थी । सावन-भादों के महीने में हर साल यह अपने पूरे यौवन पर होती  है । आसपास के खेत ज्वार और बाजरा की

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Hindi Story: दांव-पेंच कहानी by विजय सिंह मीणा उसने भैंस को जल्दी जल्दी सानी की । हाथ धोए और चबूतरे पर आ गया । खाट पर रखे गद्दे-रजाई को उलट पुलट कर देखा और कहा: “मेरो अंगोछा नांय मिल रहयो। तनिक देख तो कहां डार दियो।” सांवल ने पत्नी दुल्लो को पुकारा। “जे तो तुम्हारो आये

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गौरी अपनी ही उधेड़बुन में थी कि एक उलझन और उसके सामने आ गई| महाविद्यालय में पोजीशन आने के बाद वह अपनी पढ़ाई जारी रखे या नौकरी करे, इस प्रश्न से जूझ ही रही थी कि घर वालों द्वारा उसकी शादी तय करने का फैसला उस पर बिज़ली सा आन गिर पड़ा| वह अभी मानसिक

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लेखक: हुकम सिंह मीना बेटा ५:०० बजगये टाइम नही है अभी अगले पार्क भी तो जाना है, एक खूबसूरत महिला बच्चे को गोद में बताते हुए जा रही थी, आज 31 दिसम्बर है सबको ख़ुशी है १२:०० बजे नया साल शुरू हो जायेगा। मुझे ख़ुशी तो है लेकिन दुःख ये है कि आज मेरे मोबाइल

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यह क्हानी है- गाँव विचारपुर की जो आशीष घोड़ेला के खवाबो की दुनिया मे बसा है। इस गाँव मे अनेको परिवार रहते थे। उनमे से एक परिवार मे केवल दो भाई-बहन थे। जिनके माता-पिता पहले मर चुके हैँ। इन दौनो भाई बहन मे बहुत गहरा प्यार था। भाई का नाम रामकिश्न व बहन का नाम

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दशहरा के दिन करीब आते जा रहे है। एक दिन मन मे खयाल आया कि क्योँ न हम इसे अलग तरीके से मनाए। केवल पुतले को जलाने से क्या होता है? इससे केवल प्रदुषण और धन बर्बादी होती है। बहुत सोचने के बाद मन मे खयाल आया कि हम इस बार रावण तो जरुर जलाँएगे

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किसी स्थान पर एक महान चित्रकार रहता था। एक बार उसने बाल कन्नहिया का चित्र बनाना चाहा। उसने अनेकोँ चित्र बनाए पर उसे एक भी पसंद नहीँ आया। वह उदास रहने लगा। पंरतु एक दिन रास्ते मेँ चित्रकार ने एक बहुत सुन्दर, मासूम, भोला, तैजस्वी, मनमोहक, बालक देखा। उसके देखते ही उसके मन मे क्रष्ण

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एक बार मैँ अकेला विदेश घुमने गया। वहाँ पर मुझे टिब्बो से गुजरना पड़ा। अचानक एक जोरदार तुफान आया। तुफान सच मेँ बहुत भयँकर था। इतना तेज की मुझसे चला ही नहिँ जा रहा था। फिर एक तेज जोरदार हवा का झोँका मुझे उड़ा ले गया। और एक खड़े मेँ गिर गया। मैने अपने पाँव

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हमने एक बात सुनी है कि सबसे भयंकर क्या है? जिससे भगवान भी डरता है। वह है परीक्षा। इस तीन अक्षरोँ से बने शब्द से आज तक तीनोँ लोकोँ मेँ कोई नहीँ बच पाया है। पशु, पानी, जानवर, मनुष्य, राक्षस और भगवान भी! हम जन्म से लेकर मुरत्यु तक हम परिक्षाएँ देते रहते है, और

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