Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
तन से हो कर- ये पवन गुजरती जा रही है हरेक सांसों में- उसकी कृपा जो आ रही है हमें क्या खबर है- कौन सी क्या करिश्मा है अपने-आप जीवन- दान म� read more >>
मैं कोई सायर नही जो मै सायरी लिखता हु मुझे लिखने का शौक है शायद इस लिए मै लिखता हु लोग बातो को बनाते है हम हकीकत को दिखाते है ज्यादा फर� read more >>
अच्छे है। लोग इतनी खुबसुरती के बाद भी ......2 बस मौका तो मिलें ,हाँ बस, मौका तो मिले नज़र चुरा के माली से फूलो को मसल दिया करते है। read more >>
VISPOT IN SPACE That day was 18 August 2085. I had to go for research in space. I was very happy. Today my dream was coming true, I was thinking while sitting in the space shuttle, then thunderous applause started coming from outside. And the space shuttle was launched, I was moving towards space very fast. Now I had to go far away, probab read more >>
(सचिन कुमार सोनकर ) मेरे पास आना हो तो सब कुछ छोड़ कर आना। क्योंकि तेरे और मेरे दरमियाँ, हवाओं को भी आने की इजाजत नही। read more >>
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) अभी तो सिर्फ पैरों पर खड़ा हुआ हूँ अभी तो चलना बाकी है। लड़खड़ाते पैरों का संभालना तो अभी बाकी है। कभी गिर read more >>
*बेलगाम शिक्षा व्यवस्था: किताबों में कमीशन का खेल, अभिभावक रहे झेल* स्कूलों की मनमानी, किताबें बनी परेशानी। निजी स्कूल बने किताबों क� read more >>
Game of commission in books Unbridled education system: The arbitrariness of schools and books became a problem. Private schools became book dealers and shopkeepers became retailers. Books from private publishers prescribed by schools are up to five times more expensive than NCERT books. A 256-page NCERT book costs Rs 65 while a private read more >>
*ਬੇਲਗਾਮ ਸਿੱਖਿਆ ਪ੍ਰਣਾਲੀ: ਕਿਤਾਬਾਂ ਵਿੱਚ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੀ ਖੇਡ, ਮਾਪੇ ਭੁਗਤ ਰਹੇ ਹਨ* ਸਕੂਲਾਂ, ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੀ ਮਨਮਾਨੀ ਸਮੱਸਿਆ ਬਣ ਗਈ। ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂ read more >>
डॉक्टर और दवाइयों की कमी से जूझता देश का स्वास्थ्य प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है और 90,000 लोगों के लिए एक स� read more >>
ਦੇਸ਼ ਦੀ ਸਿਹਤ ਡਾਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਕਮੀ ਨਾਲ ਜੂਝ ਰਹੀ ਹੈ। ਇੱਥੇ ਹਰ 10,000 ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਐਲੋਪੈਥਿਕ ਡਾਕਟਰ ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਅਤੇ 90,000 ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਇੱਕ ਸਰਕਾਰ� read more >>
दिल से मत पूछिए की दिल मे कितने अरमान है, आप एक बार कह के तो देखिये आप के लिए हाजिर जान है। read more >>
सच्चे प्यार को ही प्यार कहते है वरना झूठे प्यार को तो लोग व्यापार कहते है। read more >>
जिंदगी झंड थी फिर भी घमंड था हुस्न का दीवाना था मै उसकी हरकते ने मेरा झुका दिया देखते ही देखते मेरा हिला दिया जहर सा विष निकला मेरे साप read more >>
The health of the country is struggling with the shortage of doctors and medicines. There is only one allopathic doctor available for every 10,000 people and one government hospital for 90,000 people. Innocent and illiterate patients or their relatives are exploited. Most centers are run by unskilled or semi-skilled paramedics and doctors are ra read more >>
आज में सामाज सुधारोको के बारे में लिखने जा रही हूँ समाज सुधारक वह जो समाज में चल रही कुप्रथा और गलत के खिलाफ आवाज उठाये उसका विरोध करे उ read more >>
आजादी यह शब्द सुन्ने बहोत अच्छा लगता है। पर आज के समय में इस शब्द का अर्थ गलत ले रहे है। लोग मन में आये जैसा व्यहार कर रहे है। कानून तोड़� read more >>
पीरियडस हर महिलाओं के जिवन का हिस्सा है। आज में पीरियड्स पर सामाजिक सोच के बारे में लिखने जा रही हूँ पीरियडस को लेकर पहले भी और भी पुरा� read more >>
नारी वह फूल है जो सबको खुशबू देती है, नारी वह प्रकाश है जो सबको रोशनी देती है l नारी एक ऐसी पेड़ है जो सबको छाया देती है, नारी ऐसी फूल है ज read more >>
ये शाम... उदास है,तन्हा है। जानती हो क्यों? क्योंकि, तुम नहीं हो। ये शाम.... अजीब है, उत्साहहीन है। रंगहीन और अनुपयोगी है। जानती हो क्यों? read more >>
कन्या दान,, मदन नाम का एक आदमी अपने परिवार के साथ अपने गाउँ मे रहता था मदन के परिवार मे उसकी माँ, पत्नी और उसकी बेटी रहती थी क्योंकि मद� read more >>
हस्ती तो बहुत देखी माँ तुझसे ज्यादा सुकून कहीं और कहाँ, माँ भले ही सो लुंगी मखमल के सेज पर तेरे गोद से ज्यादा आराम कहीं और कहाँ l माँ ये � read more >>
एक सेठ जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में बड़ा ही संघर्ष किया.सेठ को तीन बेटे थे. व्यापारी ने तीनों को पढ़ाया लिखाया. सेठ को अपने बड़े बेटे से ब read more >>
ये तो सच हैं की घर को पकर कर बेटा भी नही रहता, लेकिन कन्या दान सिर्फ बेटियों का ही क्यों l बेटी कोई वस्तु तो नही जो दान कर दिया जाय, फिर ब read more >>
Join Us: