तुमने ,झूठ कहा ,
मरे दिल से ।...2
के, लोग बदल ते नहीं....... ।
वक्त बदलता है। तो
दुनियाँ कि हर चीज बदल जाती है।
बेबश आँखे अश्क बहाती है।
ओर याद� read more >>
मैं यादों का किस्सा खोलु तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं .....
मैं गुजरे पल को सोचू तो कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं....
अब जाने कौन सी नगरी में आब read more >>
बहुत हुआ है देर अब,अब तो आंखें खोल।
सूरज लाए दिवस नव,जो है अति अनमोल।।
नित्य बढ़े यह रोग अब, अब तो आंखें खोल।
मानवता पर घात है, हो जाएं स� read more >>
अपनी कसमों, अपने वादों से
मुझे आजाद कर दे। ..
हाँ। ...मुझें....
मुझे....
नहीं तो फिर, ........
मुहोबत को मेरी
तु कोई नाम.... दे। ......
तेरे जीने � read more >>
गलत हूं मैं या सही हूं....मैं
तुम मुझे बता दिया......करो..!!
दोहराया ना जा सके गलतियां
इसलिए हो सके तो सज़ा दिया..करो..!
क्या हैं चेहरा मेर� read more >>
गलत हूं मैं या सही हूं....मैं
तुम मुझे बता दिया......करो..!!
दोहराया ना जा सके गलतियां
इसलिए हो सके तो सज़ा दिया..करो..!
क्या हैं चेहरा मेर� read more >>
कविता = ( किरदार )
एक पर्दा है संसार !
हम सब हैं एक किरदार !!
अदाकार की अदाकारी !
देख रहा वो बैठा पार !!
ख़त्म न होती यहाँ कहानी !
बस बदलते हैं क read more >>
कविता = ( भगवान )
आत्मा ही परमात्मा !
फिर भी ढूंढ़ें भगवान !!
पत्थरों में तराश रहा !
रोज़ नए भगवान !!
आत्मा की बददुआ !
न खाली जाए वार !!
आत्मा � read more >>
थे फैसले सारे । खुदा के तो
ये कैसे हुआ ?
उठा कैसे दिल में. मुहोबत का घुआँ ,।
हाँ ।ये...... ?
तुझे छु के यो बिजली सी दौड़ गई
सारे बदन मे,......
बद� read more >>