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हर रोज़ तुझे Pyaar करूँ.. हर रोज़ तुझे Yaad करूँ.. हर रोज़ तुझे Miss करूँ… और आज के दिन में तुझे Kiss करूँ.. read more >>
‼️‼️प्रश्नोत्तर‼️‼️ Qus→ जीवन का उद्देश्य क्या है ? Ans→ जीवन का उद्देश्य उसी चेतना को जानना है - जो जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त है। उसे � read more >>
जो अपने हित के. लिये ना लड़ सका , वो परहित के लिए क्या लड़ेगा | जो सबकुछ जानकर सही को सही और गलत को गलत ना कह सका, अपनो के साथ युद्धके डर से अ read more >>
अब मन भाग रहा है संसार की, माया जाल से !जाने क्यों ? अब तक रहा !इस संसार की माया में! उम्र के आखिरी पड़ाव पर न! जाने क्यों ?मन विचलित सा ह� read more >>
मेरे चेहरे पर मुस्कान के खातिर वो जिद्द पर अड़ी थी। मेरे इस्तकबाल मे वो चाय लेकर खड़ी थी। जब उसकी चाय ना देख मैं आगे बड़ी थी। हजारो सवा� read more >>
ये मौसम खिलते बहारें यहां- सदियों से ये जिंदगी गुजर रहीं हैं ये रचयिता की है रचना- दया की ये देखो लहरें गुजर रहीं हैं -मोती read more >>
उसके इश्क में मैंने हर दहलीज पार कर दिया जीवन सारा उस पे ही मैंने निसार कर दिया। सारे गमों को छुपाते हुए हस कर पेश आता रहा और लगातार खु read more >>
दोपहर का समय था एक बूढा आदमी चिलचिलाती धूप में पैदल राहों पर निकल पड़ा था उसे देखने वाला कोई भी ना था उसके चेहरे पर एक भावनात्मक छवि अंक read more >>
चिंता से ही गुण घटे, और घटे रुप ज्ञान। चिंता करना व्यर्थ है, चिंता चिता समान।। चिंता चिता समान है,इससे बढ़े अज्ञान। चिंतन अवश्य कीजि� read more >>
गर्दिशों में ठोकरें खा _खा कर कितने सितारों में तब्दील हो गए, क्या मैं गर्दिशों में ठोकरें खा कर सितारों में तब्दील नहीं हो सकता? संदी� read more >>
अच्छाई की भावना, लाती सदा बहार। बनते दूजे के लिए, अनुपम दिव्य विचार।। अनुपम दिव्य विचार,ज्ञान की ज्योति जलाती। घर घर हो उजियार,दुखों � read more >>
चिंता चिता समान है,सदा करे नुकसान। बस मस्ती में सब रहें,सुन्दर हो पहचान। जीवन पथ पर हम चलें,मिले खुशी बेरोक_ चिंतन अवश्य कीजिए,और बढ़ा� read more >>
एक बार एक ब्राह्मण एक गाँव से दुसरे गाँव जा रहा था गाँव के बीच में एक हवेली थी जिसे भुतेली हवेली कहा जाता था उस हवेली से जाने वाले हर व्य� read more >>
हमसफर मैं तेरे लिए, तूं मेरा है श्वास। जुदा जुदा न कभी रहूं,सदा रहूं हम पास। दीया बाती बन यहां,फैलाऊं नित ज्योति_ सबके आऊँ काम हम,बना रह� read more >>
जिन्दगी ये मेरी, है । माँ तेरी दुआँओ की मँहर ....... तु मूझको , याद किया कर .... रहे सलामत सदा ,तेरा लाल जिए जुग जुग माँ आशीष दिया कर..... न read more >>
जिस्म खामोश मगर मन बोलता हैं रूह चुप चुप फिर भी कुछ राज़ खोलता हैं! जान बे जान मगर तू पुकारता हैं तन बदल गया रात सा ढल गया आग में जल � read more >>
क्या तू सच में हैं कहा हवाओं में या फिजाओं में या फिर तमनाओ में क्या तू सच में हैं मैं सोचता हूँ पर कहा क्यों कैसे किस लिए तू हैं तो read more >>
बिंदास उड़ता हैं तू हवाओं में बिना पंख बिंदास उड़ता हैं क्या चाहिए जो इतना बे फ़िक्र आशमान को छूता हैं मैं नहीं जनता क्या चाहिए जो तू read more >>
तू हैं तो मगर पास नहीं धड़कनों में जैसे जज्बात नहीं तन्हा तन्हा खोया खोया कोई तुझ में एहसास नहीं तुझ में ही उलझा मेरा जान लेकिन तू म� read more >>
या खुदा यार का दीदार करा दे मुझको, बनाना गैर का उनका बना दे मुझको। गैर के कदमों में सुकून कहां है या रब? उस दहलीज का नौकर बना दे मुझको� read more >>
कुछ ऐसा भी होना चाहिए रास्ता बन जाये मंजिल सफर तैये हो जाये इउ ही चलते चलते जिंदगी के पथ पे जिंदगी मिल जाये कुछ ऐसा भी होना चाहिए ! व read more >>
*रसोई में भोजन बनाना छोड़ने का दुष्परिणाम* अमेरिका में क्या हुआ जब घर में खाना बनाना बंद हो गया ? 1980 के दशक के प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास् read more >>
जीवन में ठहराव, और कुछ करने का भाव इंसान को सफल ही नहीं ,महान बना देता है read more >>
इस भीड़ भरे बाजार में, हर एक चीज बिक रही है। लगाए अपना मजार कहाँ, कोई ठौर नहीं दिख रही है। दर्द जो दिल में था कब से, आज आँसू बन के पिघला � read more >>
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