लगता है निराश हो गया है,
कुछ तो वजह होगी?
खैर छोड़ो कोई बात नहीं।
लगता है कुछ ज्यादा ही,
मगरुर हो, नहीं तो,
तुम्हें भी पत्ता होता,
अब क्या read more >>
कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है..। read more >>
बादलों में छुप छुप कर चांद !
मुझे सपने दिखाता क्यों है?
चांद की चांदनी! दूर-दूर तक
बिखर कर मेरे सपनों को !
जगाती क्यों है ?
निराशा के बाद� read more >>