मैं गोबर भी छू लेती हूं,
गईया भी धो लेती हूं,
मैं खेतों में,दिन भर काम करके,
धूप भी सह लेती हूं,
मैं किसान की बेटी हूं.....
इतनी मेहनत करके भ read more >>
न जाने दिल बार-बार क्यों ?
कह रहा है !यदि आज के दिन न
हम तुमसे बिछड़ गए !
तो शायद ही जिंदगी के !
किसी मोड़ पर ?
मेरी तुमसे मुलाकात हो ?
यदि मु� read more >>
आज व्यक्ति और समाज
दु:ख के घनघोर अंधेरों में है ।
कहीं दु:ष्कर्म है
तो कहीं लूटपाट है ।
कहीं हिंसा है
तो कहीं मान _अपमान है ।
कहीं जात _ प read more >>
तेरी औकात मेरी औकात, औकात के इस संसार मे, है औकात की क्या औकात रे, है सत्य जीवन हकीकत जलती चिता के साथ रे, तेरी औकात मेरी औकात औकात के इस स� read more >>
दुनिया को चाहे किसी भी नजर से देखो, गोल ही दिखाई देगी
देखना ही है तो अपनी नजर से अपने आप को देखो क्या पता कुछ बदलाव आ जाये ...
एक बार की बात read more >>