अनीश निकेतन (एक प्यारा सा घर)
हम दो भाई बचे थे एक ही मकान में रहते हैं, मैं पहली मंजिल पर और भैया निचली मंजिल पर। पता नही हम दोनों भाई कब ए� read more >>
पिता का पत्र समाज व पुत्रों के नाम...
शहर के एक मध्यवर्गीय बूढ़े पिता ने अपने पुत्रों के नाम एक पत्र लिखकर खुद को गोली मार ली ।
चिट्टी क्� read more >>
सपना- अच्छे दिनों का
दोस्तो कल रात को एक
सपना आया, देखा
कि मेरे मोबाइल में
संदेश आया है.......
कि भारत सरकार ने पचास
लाख रुपये मेरे "जन धन
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तू ही आरंभ है- तू ही अनंत है!
तू आदि है-
तुझ से पुरानी कोई चीज नहीं
तू नूतन है-
तुझ से नई कोई चीज नहीं
देखा ना-
अव्वल तुझसा,
तुझ से ऊंची क read more >>
भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी माँ सीता ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया।
परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहन� read more >>
*लकिरी पहेलियां*
*_कभी-कभी अनीश निकेतन की बालकनी में बैठ जाता हूं, और घंटो देखता रहता हूँ, अपने हाथों की हथेली की लकीरों को जो खिंची है। � read more >>