हम भी कभी दर्जी रहे किसी ज़माने में ,
इंच_ इंच नापते थे पैमाने में ,
हो गए बूढ़े आज तक आदत न गई पुरानी ___
हम आज भी इंच_ इंच नापते हैं बैठ कर म read more >>
ये जो है ये इश्क है क्या,
जिससे किया है वो इसके काबिल है क्या!
कहीं ऐैसा ना हो किसी मजधार मे तुम फस जाओ,
इश्क की राह में तुम हार जाओ!
फिर कि read more >>
खेल-खेल-
में क्या अद्भुत,
जीव-जंतु जीवन रचाई-शायद,,
जग में आना-
जग से है जाना यह,
विधि प्रकृति ने बनाई-शायद,,
कभी बाढ़-
तो कभी भूकंप,
करो� read more >>