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रिश्ते तो कितने खूबसूरत होते है ये उलझे धागों के सुलझे हिस्से होते है हर रिश्ते में छुपी सी रहती है एक अनकही सी दास्तान ये जो हमें हँ� read more >>
हरी भरी प्रकति, कितनी सुन्दर कितनी प्यारी, देती है शुध्द हवा, हैं प्राणों की रानी। read more >>
चलते रहो बढ़ते रहो जिंदगी है भागते रहो रेंगते रहो जिंदगी है थकना मत रुकना मत जिंदगी है झुकना मत टूटना मत जिंदगी है ये राह तो मुश्किल � read more >>
मुखडा-इस चमन में गुलशन सजायेंगे तिरंगा झंडा हम सब फहरायेगे-२ सांग अंतरा- शहीदो की खुनों से बना ऐ तिरंगा उपर केसरिया read more >>
हर ओर दिवाली है, जगमग दीप जलते हैं जाने कितने सबके, रह - रह के सपने पलते है। शमां जल बुझ रहे रहे, ख्वाब न बुझ पाया। दीपक दिल का जलता है, read more >>
जीवन अनुसंधान है, यहां खजाना खूब। जितने चाहें खोज लें,बनकर दृढ़ महबूब।। जीवन अनुसंधान है,जिसमें भव्य रहस्य। जितना खोजें हम सभी,बने� read more >>
तुझ से नजर मिला के जिन्दगी मदहोश है, तुझ से नजर मिला के जिन्दगी मदहोश है। साया बनकर तूं साथ चल रही हो, साया बनकर तूं साथ चल रही हो। आजकल read more >>
मुट्ठी भर लोग ! साहस पर कहानी हर साल गर्मी की छुट्टियों में नितिन अपने दोस्तों के साथ किसी पहाड़ी इलाके में माउंटेनियरिंग के लिए जात read more >>
Such strange words That quiet April day brought me. You knew it was still alive in me, That dreadful week of passion. I heard no pealing of bells, Floating in clear azure, For seven days copper laughter chimed, Silvery sorrow streamed. And I, veiling my face, As if for eternal parting, Lay, awaiting there The still-nameless torment. read more >>
तुम्हारा पता में- रब का नाम लिखा है,, रब का पता में- तुम्हारा नाम लिखा है,, तुम्हारा शरीर ही- उसका ठिकाना है, ये वाक्या सरेआम लिखा है...!!! read more >>
..तुम्हारा दीदार चाहता हूं- सहारा और ज़िक्र चाहता हूं..अब,, ..जमाने की ठोकरें- कहां तक सह पाऊंगा..अब,, ..इसलिए- तुझे सरेआम चाहता हूं..अब,, ..� read more >>
"उन्होंने इतला- तो किया था...शांति, तुम्हारे हृदय में स्थापित है,, "जब भी तुझे मेरी- याद सताए मैं वहीं मिलूंगा....!! -मोती read more >>
मर्दों जैसी औरत एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक महिला रहती थी। उसका नाम रेखा था। वह गांव की सबसे प्रसिद्ध वैद्य भी थीं। रेखा ने read more >>
बचपन .........एक जमाना था जब हम भी बच्चो की श्रेणी में आते थे मां बेशक उठाती रहे हम चादर तान फिर सो जाते थे जब स्कूल से छुट्टी चाइए होती थी प read more >>
न जाने मन में उठते हैं क्यों? हजारों सवाल ! न जाने दिल क्यों? आज कह रहा है !कह दूं मैं भी कुछ अपने दिल का हाल! कहने को बहुत कुछ है! मगर जुब read more >>
आज गगन में उड़ते पंछी को देखकर न जाने क्यों? मन यह सोच रहा है ! कितना ही अच्छा होता! अगर बन जाते पंछी हम! मस्त निर्भीक! होकर मस्त ! गगन मे read more >>
Life will not change for sure Life will not change if you are not there You left me for a reason You left me because you did not love me My feelings will not change for you My heart will remain the same My life will start with your name It will end on your name My life will not the same As you don't love me any more My life wil read more >>
मंदिरों में आप मनचाहे भजन गाया करें मैक़दा ये है यहाँ तहज़ीब से आया करें रात की ये रौनक़ें अपने मुक़द्दर में नहीं शाम होते ही हम अपने घर च� read more >>
ज़िन्दगी-सी यों ज़िन्दगी भी नहीं किन्तु मंजूर ख़ुदक़ुशी भी नहीं सिलसिलेवार मौत जीते हैं ज़िन्दगी की घड़ी टली भी नहीं दिल की दुनिया उजाड़ � read more >>
आप कहने को बहुत ज़्यादा बड़े हैं असलियत यह है मचानों पर खड़े हैं ख़ास कंधा, दास चंदा, रास धंधा, एक अंधे दौर के सिर पर चढ़े हैं कीजिए झट कीजिए read more >>
न मेरा है न तेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है नहीं समझी गई ये बात तो नुक़सान सबका है हज़ारों रास्ते खोजे गए उस तक पहुँचने के मगर पहुँचे हु� read more >>
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि� read more >>
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि� read more >>
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि� read more >>
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