इंसान को-
जिंदा रखता है यह
"सांस..!
इसे वह नहीं जानता..!!
जीवन का-
सबसे बड़ा चमत्कार,
वह "कुंजी है..!
जो उस अनंत-
का ताला को खोलता है....!!!!
-मोत� read more >>
...हमेशा एक प्रश्न-
की तरह जिंदा रहता हूं,,
... ख़ुद से-
ख़फ़ा हूं मैं जानता हूं,
अब कभी उत्तर नहीं मिलेगा,,
...दिल में-
रखता हूं.. आपको,
तुम्ह read more >>
*कांटों वाले गुलाब*
रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे उसका फ़ोन आया "हेल्लो" किसी ने फुसफुसा - हट भरे शब्दों में कहा।
"हाँ, बोलो" उसने भी धीमे� read more >>
*मेरी डायरी*
सरिता के विवाह की तैयारी जोरो - शोरों से चल रही थी... मेहमान आ गये थे... घर में बहुत रौनक थी... पर पिताजी का तो दिल बैठा जा रहा था read more >>
अब तो ख़ुशी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
आसूदगी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
सब लोग जी रहे हैं मशीनों के दौर में
अब आदमी के नाम पे कुछ भी नहीं रह� read more >>
कविता संग्रह
1 बिछड़न.........
जब अगले साल यही वक़्त आ रहा होगा...
ये कौन जानता है कौन किस जगह होगा...
तू मेरे सामने बैठा है और मैं सोचता ह� read more >>