Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
इंसान को- जिंदा रखता है यह "सांस..! इसे वह नहीं जानता..!! जीवन का- सबसे बड़ा चमत्कार, वह "कुंजी है..! जो उस अनंत- का ताला को खोलता है....!!!! -मोत� read more >>
...हमेशा एक प्रश्न- की तरह जिंदा रहता हूं,, ... ख़ुद से- ख़फ़ा हूं मैं जानता हूं, अब कभी उत्तर नहीं मिलेगा,, ...दिल में- रखता हूं.. आपको, तुम्ह read more >>
*कांटों वाले गुलाब* रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे उसका फ़ोन आया "हेल्लो" किसी ने फुसफुसा - हट भरे शब्दों में कहा। "हाँ, बोलो" उसने भी धीमे� read more >>
जिस तरह- से संसार में सभी, एक दूसरे से अलग हैं मैं भी उसी- तरह से भीन्न हूं, इंसान को इंसान समझता हूं और पूरी दुनिया- के इंसान को एक सम read more >>
जिसका जितना हो आँचल यहां पर, सौगात भी उसको उतनी ही मिले। जीवन में फूल खिलाने का प्रयास करें, कभी_कभी कांटे भी फूल बन जाते हैं। जीवन एक read more >>
प्यार की किरण जगमगा रही है, जिसके साए में सारा जग झिलमिला रहा है। बढ़ती हुई स्वार्थ भावना पर, प्यार की किरण ही रोक लगाएगी। भटके हुए त� read more >>
कभी किए थे पुण्ये बड़े, तो कभी पाप के भागीदारों। कभी किसी के सपनों को, केवल दान धर्म बचाता है। बहुत पसंद है तुम्हें कर्ण, उसका दान धर्म read more >>
जितना है नहीं पास उतना जताते हैं लोग बनकर भोले-भाले सबको नचाते हैं लोग समंदर से भी गहरा हो प्यार तुम्हारा फिर भी इस जहां में तुमको ही ब read more >>
बर्बाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को क्योंकि इश्क हार नहीं मानता और दिल बात नहीं मानता read more >>
कुछ अलग ही करना हैं तो वफा करो मेरा दोस्त मजबूरी का नाम लेकर बेवफाई तो हर कोई करता है।... read more >>
होगी लाखो महफीले दुनिया मे... मगर तेरे दीदार जैसा सुकून कही और नहीं..............😘😘😘😘😘😘 ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❣️ read more >>
होगी लाखो महफीले दुनिया मे... मगर तेरे दीदार जैसा सुकून कही और नहीं..............😘😘😘😘😘😘 ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❣️ read more >>
*मेरी डायरी* सरिता के विवाह की तैयारी जोरो - शोरों से चल रही थी... मेहमान आ गये थे... घर में बहुत रौनक थी... पर पिताजी का तो दिल बैठा जा रहा था read more >>
अब तो ख़ुशी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा आसूदगी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा सब लोग जी रहे हैं मशीनों के दौर में अब आदमी के नाम पे कुछ भी नहीं रह� read more >>
दुनिया की लिये ख़ैर-ख़बर डूब रहा है तय कर लिया सूरज ने सफ़र डूब रहा है हम मंदिरो-मस्जिद को बचाने में लगे हैं घर की है नहीं फ़िक्र कि घर डूब र read more >>
ख़ुद को ग़म से छुड़ा लो ज़रा एक दीपक जला लो ज़रा रात काली अमावस हुई अपनी पलकें उठा लो ज़रा हर क़दम पे सजे आशियाँ पाँव अपने सम्भालो ज़रा दोस्� read more >>
ख़ुद को ग़म से छुड़ा लो ज़रा एक दीपक जला लो ज़रा रात काली अमावस हुई अपनी पलकें उठा लो ज़रा हर क़दम पे सजे आशियाँ पाँव अपने सम्भालो ज़रा दोस्� read more >>
ख़ुद को ग़म से छुड़ा लो ज़रा एक दीपक जला लो ज़रा रात काली अमावस हुई अपनी पलकें उठा लो ज़रा हर क़दम पे सजे आशियाँ पाँव अपने सम्भालो ज़रा दोस्� read more >>
डूबते वक्त क़िसी का तो सहारा होता कोई तिनका, कोई कश्ती या किनारा होता क्यों पसोपेश में रहते कि किधर जायें हम तेरी जानिब से अगर कोई इशा� read more >>
ज़िन्दगी के फलसफ़े में अब न उलझाना मुझे ख़ुद समझ लेना तो उसके बाद समझाना मुझे मेरी दिन भर की उदासी को समझ लेता है वो शाम होते ही बुला लेता read more >>
हँसने का हँसाने का हुनर ढूंढ रहे हैं हम लोग दुआओं में असर ढूंढ रहे हैं अब कोई हमें ठीक-ठिकाने तो लगाए घर में हैं मगर अपना ही घर ढूंढ रह� read more >>
एक बड़ी शहर में एक परिवार रहता था जिसमें दो बच्चे और उनके माता-पिता थे। परिवार के सदस्य एक-दूसरे से प्यार करते थे और हमेशा खुश रहने का प� read more >>
किसने जाना कि कल है क्या होगा कुरबतें या के फ़ासला होगा आज रोया है वो तो रोने दो हो न हो ख़ुद से वो मिला होगा चांद जो पल में बन गया मिट् read more >>
कविता संग्रह 1 बिछड़न......... जब अगले साल यही वक़्त आ रहा होगा... ये कौन जानता है कौन किस जगह होगा... तू मेरे सामने बैठा है और मैं सोचता ह� read more >>
Join Us: