Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
*खुली आँखों का अधूरा सपना*                                             जब शादी कर के लाये थे                          खुली आँखों से सपने दिखाए थे                        की छ� read more >>
छोटी सी है जिंदगी क्यों ना छोटी-छोटी खुशियों में ही खुश होने का प्रयास करें हम हमेशा यह क्यों सोचते रहते हैं कि जब कोई बड़ी खुशी मिलेगी read more >>
न जाने क्यों सब कुछ होते हुए भी मन कभी-कभी बहुत दुखी हो जाता है और ऐसा लगता है कि खुशी तो हमारे पास है ही नहीं उस समय हमें घर से बाहर निकल क read more >>
क्षत्रिय ठाकुर खेत सिंघ रूपावत चाडी बात विक्रम सम्वत 1876 पूनम की रात निंबाज हवेली की है, जोधपुर रियासत के उत्तरी छोर पे एक अति बलशाली ठ� read more >>
मुझसे यूं ना रोज-रोज ख्यालों में आकर मिला करो कभी तो मेरे घर भी चांद की तरह मेरे आंगन में उतर आया करो मुद्दतें हो गई तुम्हें देखें चांद � read more >>
।। कविता ।। दुनिया में कहने वाले हजार मिलते हैं मगर सिखाने वाला पिता ही होता है सब एक समय तक साथ छोड़ जाते हैं मगर अंत तक पिता ही साथ read more >>
आया दिन खुशियों का कितनी मस्ती है झूम रही हूं मैं झूमती पुरी बस्ती हैं पापा मेरे वो हस्ती है सामने जिनके दुनिया की हर चीज सस्ती है है� read more >>
18 जून, 1576 ई., यह वह तारीख है जिस दिन मेवाड़ की हल्‍दीघाटी में मेवाड़ और मुगल सेनाओं के बीच रण रचा गया। एक ताकत समूचे हिंदुस्‍तान को अपनी मु read more >>
आते हैं विचार जब सोना था तब हो न सके अब भी जाग रहे बिना आधार आते हैं विचार। कौन रहा अब पथ का साथी बीत गयी जब सुख की बाती, निर्णय का वह क read more >>
महोब्बत हैं तुमसे , इस कदर तुम बिन‌ जिया जाए ना, याद आती है तुम्हारी, तुम बिन रहा जाये ना। read more >>
अपनी दुनियाँ मे, कोई ,कैसे ? गुम ,हो गया । खुला था ! आसमाँ , देखते-दखते .वो सितारों को सो गया। अपनी दुनियाँ........... जाने कैसे ? बदला वक्त ज़िन� read more >>
याद है वो दिन, जब था मेरा पहला प्यार। थी मुस्कान उसकी, खुशियों का इज़हार। दिल में उमंग थी, दिल्लगी भी थी, चाहत का रंग जब चढ़ गया था। मिल� read more >>
मेरा पहला प्यार, तेरे लिए ये कविता है, जिसे लिखने की आज यहाँ दिल मचल रहा है। तेरे आगे शब्द थम रहे हैं, दिल की धड़कनें तेरे नाम से गुनगुन� read more >>
खिलती है जीवन की कलियां, अनुराग भरी इस क्यारी से। कब, कौन छूट जाएं जीवन की फुलवारी से। जग में छाया है अन्धकार, जिसने रौंदा है बार बार। read more >>
मुझे अब नींद की तलाश नहीं अब रातों को जागना अच्छा लगता है। मुझे नहीं मालूम कि तुम मेरी किस्मत में हो या नहीं मगर हर दुआ में तुम्हे मा� read more >>
मंजिल पाने की सनक सवार होना चाहिए। फिर देखते हैं है किसमें इतना दम की मेरे फौलादी धावक को कौन रोक पाता है। मानव जब जोड़ लगाता है, पत्थर � read more >>
जब सूरज उगता है पृथ्वी पर, होती है पिता की मांगों की पूर्ति। पिता एक सूरज की तरह होते हैं, जो हमेशा हमारे ऊपर चमकते रहते हैं। उनकी खुद� read more >>
अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं, थोड़ा ठहर कर जाने वाले बहुत रुलाते हैं ! read more >>
पिता पर ही क्यों लिखूं...मैं तो माँ पर भी लिखूंगी..क्योंकि मुझे लगता है वो,दोनों एक ही है... वो अपनी हर परेशानियों को अपनी मुस्कान में छुप� read more >>
पिता धर्मः पिता स्वर्गः पिता हि परमं तपः। पितरि प्रीतिमापन्ने प्रीयन्ते सर्वदेवताः॥ पितरौ यस्य तृप्यन्ति सेवया च गुणेन च। तस्य भा read more >>
#फादर्स डे स्पेशल 🤗 हाथ थामकर चलना सिखाया, दायित्वों का निर्वाहन बताया, सुख दुख के हर एक क्षण में , पग पग में मेरा साथ निभाया, चुनौतिय� read more >>
मेरी एक दोस्त हैं जो इन दिनों ससुराल में है ,जो फूलों को छोटेपन से ही सींच -सींच कर बड़ा करती हैं ,और जब उनके खिलने की बारी आती है, तब तक उनक� read more >>
अधरों मे फिरती ईधर- उधर, चाहत बन आशा वाद करे! आशाऐं संघर्ष को कर के नमन, सुबह शाम फ़रियाद करें!! अच्छादित हृदय कि करूण चेतना, read more >>
मेरी एक दोस्त हैं जो इन दिनों ससुराल में है ,जो फूलों को छोटेपन से ही सींच -सींच कर बड़ा करती हैं ,और जब उनके खिलने की बारी आती है, तब तक उनक� read more >>
Join Us: