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(दोहा छंद) करें मनुज द्रुत फैसला, सदा रखें विश्वास। धैर्यवान बनकर रहें,छोड़ें कभी न आस।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस� read more >>
किस-किस संग रिश्ते को निभाना है यह अपने दिल को अब समझाना है क्यों? उन रिश्तो तो संग में रहूं जिनको मेरी परवाह नहीं? कौन है ? अपना कौन पर� read more >>
(दोहा छंद) प्रेम जगत का सार है, जन जन में हो प्यार। खुशियों में जीवन कटे, दुनिया हो गुलजार।। प्रेम जगत का सार है,इससे ही संसार। मनुज जन् read more >>
किस-किस संग रिश्ते को निभाना है यह अपने दिल को अब समझाना है क्यों? उन रिश्तो तो संग में रहूं जिनको मेरी परवाह नहीं? कौन है ? अपना कौन पर� read more >>
सुबह सुबह उठते ही मन को यही. लगता है कि मेरा जीवन खुशियों से भर जाए ! सारी दुनिया का तो मुझे पता नहीं परंतु मैं सुबह सुबह ईश्वर से यही � read more >>
हर व्यक्ति जीवन में जो चाहे वह पा ले यह संभव नहीं हैl सभी को अपनी मंजिल मिल जाए यह संभव नहीं है lक्योंकि कभी-कभी मनुष्य को अपनी कामयाबी त� read more >>
कभी-कभी हमारे जीवन में कुछ ऐसे पल भी आते हैं जिन्हें हमें गुजारना बहुत मुश्किल हो जाता है और हम इतने दुखी हो जाते हैं कि लगता है कि अब जी� read more >>
मेरा ख्वाब हैं, राइटिंग से आगे बढ़ने का, हो जाये मेरा नाम पन्नों में दर्ज, असर रहे मेरे शब्दों का। read more >>
जीवन महका दो अपनों का, देओ खुशियां उनको, ध्यान रखो उनके सपने का। read more >>
संबंधों का कोई मोल नहीं है सभी के अपने मापदंड हैं ! सभी ने अपने मापदंड बदले! सबने खोई है संबंधों की प्रासंगिकता ! छोड़कर पुरानी परंपरा � read more >>
जीवन में इतना सन्नाटा पसरा क्यों है ? कई वर्ष पहले यह सन्नाटा मुझे दिखता क्यों न था ? सुबह उठते ही चिड़ियों की चहचहाहट से मेरी नींद खुलत read more >>
कभी-कभी मन सोचने पर यह मजबूत करता है! कि जिस इंसान के साथ हम रहते हैं कभी कभी उन रिश्तो से हमारी इतनी दूरी बढ़ जाती है ।कि हम उनको देखना read more >>
कभी कभी खुद से ही मन यह प्रश्न करता है ! कि आप मेरी जिंदगी में आए ही क्यों ? जब आपको मुझसे दूर जाना था! मुझे इतनी सपने दिखाए ही क्यों? जब इन read more >>
चलो न तुम भूले ना हम भूले किसी से आपकी शिकायत क्यों करें जिंदगी की उस मोड़ पर फिर से यूं चले जहां से सफर शुरू किए थे याद आने का वादा किए थ� read more >>
अपनों के पास आना भी सीखो अपनों से दूर जाना भी सीखो जो तुम्हारी कदर ना करें उससे दूर रहना भी सीखो जो तुम्हारी कदर करे उसे अपनाना भी सीखो read more >>
जिसके बिना जिंदगी अधूरी सी लगती है जिसके बिना शाम भी यूं ही खाली सी रहती है ! जिसके बिना सुबह का इंतजार भी नहीं होता है । जिसके बिना राह read more >>
. "राधाजी की कृपा" चन्दन वृंदावन की ब्रज भूमि में रहने वाला अपने माँ-बाप का इकलौता बेटा था। दिन भर वो ब्रज की रज में लोटपोट � read more >>
नन्हा आशिक़ पिता से चिपका अंश सिसक पड़ा।जगमोहन बाबू और अथर्व कुछ समझ न पाएं। थोड़ी देर में अंश पहले की भांति दादा साथ खेलने लग read more >>
हम अपना हक उन पर जताने निकले , वहां देखा तो वह कमाने निकले , छोड़ देते जिन्दगी बसर के लिए ___ हम भी ऐसे उनके दीवाने निकले । ____ शिव किशोर ,शाह� read more >>
पुराने समय में एक किसान की फसल बार-बार खराब हो रही थी। कभी तेज बारिश की वजह से, कभी तेज धूप की वजह से, कभी ठंड की वजह से उसकी फसल पनप नहीं प� read more >>
(दोहा छंद) पावन विचार से मिले,दुनिया की हर हर्ष। खुशियों में जीवन कटे, नित ही हों उत्कर्ष।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_सम read more >>
मौसम रंग बदलता रहता, पर तुम बदल ना जाना, रंग रखना पक्का, फीका ना पड़ जाना। read more >>
(दोहा छंद) करें प्रतिज्ञा आज से,बुरी अमल को त्याग। सुन्दर सुन्दर गुण रखें,जीवन में हो राग।। क्रोध भाव को दूर रख,दया भाव हो साथ। करें प� read more >>
तेरे नजरों के तीर, घायल करते हैं कान्हा, तेरी मुरली की धुन, पागल करती कान्हा। read more >>
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