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"If wealth🤑 is lost nothing 😒 is lost If health💪 is lost something😥 is lost but if character✨ is lost everything😓💀 is lost." ~ Prince read more >>
धरती के अनंत शोभित गगन, जगमगाती चांदनी और तारों का जहां। प्रकृति का नजारा अनूठा, सौंदर्य से परिपूर्ण यह भगवान। पहाड़ों की ऊँचाइयों � read more >>
चला जाए अगर धन🤑 तो कोई बात नही😒 अगर चली जाए सेहत💪 तो समझो कुछ गया😥 पर अगर चला गया चरित्र✨ तो समझो कुछ नही है 😓💀जिंदगी मे तुम्हारी| read more >>
छमाछम बारिश आ रही है, हरियाली ही हरियाली छा रही है। सारे जीव आनन्द ले रहें हैं, नजारा बहुत ही अद्भुत लग रहा है। मानो एक नवीन सृजन हो रह� read more >>
मेरे मन के दो फूल, राधेकृष्ण ‌‌नाम के, महकाये कोना कोना, भक्त लगाये जयकारा इनके‌ नाम के। जय श्री राधे कृष्णा read more >>
जीवन में कभी हार मत मानना, थककर‌ नहीं बैठना हैं, होगी कुछ कोशिश बेकार, फिर भी कोशिश करते‌ रहना हैं, चलना है हर राह पर‌, चट्टानों में भी घ read more >>
टूटकर खुद जुड़ना, किसी का सहारा ना लेना, बनकर मजबूत, हर‌ मुसीबत से लड़ना। read more >>
खुद को कभी कमजोर मत दिखाना, लोग फायदा उठा लेंगे, रखना होशला बुलंद, थोड़े जीवन के दर्द, आगे बढ़ा देंगे। read more >>
इन अंखियों को तेरा इंतज़ार हैं, तेरे दिददार को तरस रही है, पुकारती है इन नैनों की काजल, पलके तेरी राह निहारती हैं। read more >>
इन नैनों को तेरी प्यास लगी है, तेरे दिददार की आस लगी है, आता नहीं इन नैनों को चैन, तुझ से कैसी प्रीत लगी है। जय श्री कृष्णा read more >>
बरसात की एक रात मेरे दिल में अंकित है, और शायद जीवन भर भी अंकित ही रहे। अमावस्या की काली रात और खूब बारिश, आधी रात से भी ज्यादा का वक्त र� read more >>
(दोहा छंद) मनोदशा मजदूर की,दृढ़ उसमें है जोश। साहस रखता खूब है,हरदम रखता होश।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देव� read more >>
(कुंडलिया छंद) मानवता ही धर्म है,प्यार सदा अनमोल। करे कर्म से याद जग,मीठे रखते बोल।। मीठे रखते बोल,रहे सबसे वह आगे। बनते दिव्य मिशाल,स read more >>
(कुंडलिया छंद) चाहत कभी न यूं मरे, बड़े स्वप्न को देख। जिन्दा दिल हर पल रहें, प्राण बने नव लेख।। प्राण बने नव लेख,जिसे पढ़कर सब सीखे। और read more >>
(दोहा छंद) अटखेली में डूब कर, मैंने देखा खूब। भागे तब दुखड़ा सभी,लगूं भव्य महबूब।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर( read more >>
तेरी मन्द मीठी मुस्कान, कान्हा हमको तड़पाये, तूझसे मिलने को‌ कान्हा, तेरी याद सताये। read more >>
(दोहा छंद) अटखेली बाला करे,गाती दिलकश गीत। देती है अदभुत खुशी,लगे रम्य संगीत।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे� read more >>
(दोहा छंद) होनी टाले कब टली,फिर भी करें न शोक। रखिए साथ उमंग को,खुशी मिले बेरोक। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे� read more >>
(दोहा छंद) गुलशन मय हो तब धरा,खिले सभी की साध। मिले सभी को न्याय तो, होगा कम अपराध।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर( read more >>
घुंघट में हैं राधा, मुकुट में हैं श्याम, लगे चांदनी राधा, चांद लगे श्याम। read more >>
मासूमियत भरे चेहरे के पीछे एक शैतान हुआ करता था, और वो शैतान भी कितना नादान हुआ करता था, अपनी छोटी छोटी शरारतो से सबको परेशान किया करत� read more >>
(दोहा छंद) गर्मी का मौसम अभी, तापमान है गर्म। बदन पसीना मय रहे,चाहत रहती नर्म।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देव� read more >>
(कुंडलिया छंद) माया से संसार है,सबका अपना दाम। खुद को तुम अति योग्य कर,करिए सुंदर काम।। करिए सुन्दर काम,समाँ रौशन तब रहता। छोड़ें कभी � read more >>
(कुंडलिया छंद) माया में सब लीन है,भूल गए हैं मूल्य। सब रह जायेगा यहीं,जाओगे बन शून्य।। जाओगे बन शून्य,जन्म ले फिर से आना। फिर माया में फ read more >>
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