दस्तक कुछ खास नहीं बदले हम , आपके जाने के बाद भी बस फर्क इतना सा है , कभी – कभी तेरी याद दस्तक दे जाती है जालिम बिलकुल तेरी तरहा |  मनमोहन गुर्जर दस्तकRate this post