New Hindi Story: दूध की लालसा – कहानी (विजय सिंह मीणा)

New Hindi Story: दूध की लालसा – कहानी (विजय सिंह मीणा)

New Hindi Story: दूध की लालसा – कहानी (विजय सिंह मीणा) बाण गंगा नदी पूरे उफान पर थी । उसके दोनों किनारों पर दूर दूर तक अथाह जल राशि दिखाई दे रही थी । सावन-भादों के महीने में हर साल यह अपने पूरे यौवन पर होती  है । आसपास के खेत ज्वार और बाजरा की
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Hindi Story: दांव-पेंच कहानी by विजय सिंह मीणा

Hindi Story: दांव-पेंच कहानी by विजय सिंह मीणा उसने भैंस को जल्दी जल्दी सानी की । हाथ धोए और चबूतरे पर आ गया । खाट पर रखे गद्दे-रजाई को उलट पुलट कर देखा और कहा: “मेरो अंगोछा नांय मिल रहयो। तनिक देख तो कहां डार दियो।” सांवल ने पत्नी दुल्लो को पुकारा। “जे तो तुम्हारो आये
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Hindi Story: मुझे एकता चाहिए by Ashish Ghorela

एक बार चार व्यापारी (हिन्दू, मुस्लमान, सिक्ख, और ईसाई) तागेँ मे जँगल से गुजर रहे थे। अचानक ऊँचे रस्ते पर घोड़े को एक काला साँप दिखाई दिया और घोड़ा कुदने लगा। जिससे ताँगा निचे गहराई मे चा गिरा। आवाज सुनकर नजदिक से एक लकड़हारा दौड़ा आया। उसने उन चारोँ की मदद की। जैसे ताँगे को
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