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सिर्फ तुम-राज-प्रजापति

जहाँ देखूँ बस , तू ही तू नजर आये ।
जी चाहे तू मेरी साँसो उतर जाये ।
दिल धड़के गर घर से तू बाहर जाये ,
साया बनू तेरा मैं चलूँ तू जिधर जाये ।
जहाँ देखूँ – – – –
पलकें बंद करूँ तुझे देखकर ,
पलकें खोलूँ तो तुझे पाऊँ ।
तेरी साँसो से होते हुए ,
मैं तेरे दिल में समा जाऊँ ।
देदे खुदा मुझे वो जो ,
तेरे लिए गम की लहर आये ।
जहाँ देखूँ – – – –

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