Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

Day: October 16, 2020

कविता, नहीं सुरक्षित आज के नारी-राणा प्रताप

नहीं सुरक्षित आज के नारी। कदम कदम पर अत्याचारी। कभी ब्लैकमेल कभी झुठ फरेब। हो न जाये यौन उत्पीड़न के शिकार। ये नारी इस जधन्य

Read More »

व्यंग्य-कथाःः मोहल्ले का दुकानदार-वीरेंद्र देवांगना

व्यंग्य-कथाःः मोहल्ले का दुकानदारःः कोई माने या न माने, मेरा मानना है कि मोहल्ले का दुकानदार मौके में एशियन बैंक से कम नहीं होता। महीने

Read More »

सार्क/दक्षेस संगठन-वीरेंद्र देवांगना

सार्क/दक्षेस संगठनःः दक्षेस का पूर्ण रूप-दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन है। 8 दिसंबर 1985 को दक्षिण एशिया के सात देशों-भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव,

Read More »

लेखन की चुनौतीः भाग-7 ‘रेफ’ लगाने का सटीक स्थान-वीरेंद्र देवांगना

लेखन की चुनौतीः भाग-7 ‘रेफ’ लगाने का सटीक स्थान:: मैंने दीवार-लेखन में देखा है। आपने भी देखा होगा कि लोग ‘आशीर्वाद’ को ‘आर्शीवाद’ लिखकर हिंदी

Read More »

मुखिया को मुख-सा होना चाहिए-वीरेंद्र देवांगना

मुखिया को मुख-सा होना चाहिए:: मुखिया को मुख के समान होना चाहिए। खाता मुंह है, लेकिन जो ऊर्जा बनती है, वह अपने पास नहीं रखता।

Read More »

टीआरपी घोटाला-वीरेंद्र देवांगना

टीआरपी घोटाला:: समाचार-पत्रों के जमाने में पीत पत्रकारिता होती थी, जिसमें किसी को बदनाम करने के लिए खबरों में मिर्च-मसाला लगाकर परोसी जाती थी। इलेक्ट्रानिक

Read More »

गुरुदक्षिणा-अजय-प्रताप सिंह

रोशन सभी दीप है, प्रकाश से उद्दीप के । पुष्प लेकर सोचता ,सम्मुख खडा गुरुदेव के ॥ कैसे बॅधाई दूँ गुरु को ,क्या इन्हें उपहार

Read More »

ए दोस्त[email protected]

ख्वाबों में पुकारा तुझे दिल में उतारा तुझे पलकों पर बैठाया तुझे सपनों में भी सजाया तुझे ऐ दोस्त…… मेरी दुआओं में तेरी हर खुशी

Read More »

Join Us on WhatsApp