Stop comparing kid-kumari akansha

Stop comparing kid-kumari akansha

When parent compair kids to other people then they feel baad and because of their bad feeling they gone frustrated. Which is bad for kids. This creates frustration in a child and frustration is a root of anger. When we compare kids they gone frustrated and when they gone frustrated they can’t share their problems
Complete Reading

धुँआ-धुँआ हैं जहाँ-अंकित दुबे

समझ में नही आ रहा टुबैको डे पर क्या लिखूं, नशा छोड़ने की पहल या, फिर नशे की दुनियां में खोये हुए लोगो का जिक्र। ये लेख महिलाओं के नशे पर आधारित हैं। किस तरह से महिलाएं नशे की गलियों में गुम होती चली जा रही हैं, इस लेख में आपको साफ देखने और पढ़ने
Complete Reading

तंबाकू को न कहे, जीवन को हाँ-पूजा पाटनी

आज हम बात करेंगें तंबाकू के प्रयोग के दुषपरिणामों के बारे में। यह आप सब जानते है जब किसी चीज को गलत कहा जाता है जैसे- झूठ बोलना गलत है, चोरी करना गलत है, झगड़ा मत करो, ऐसे कई चीजे, कई स्थानों पर लिखी होती है। और हम सब भी इन्हें गलत मानते है।  
Complete Reading

जिन्दगी-जतिन तिवारी

एक ज़िन्दगी  है  बस …अब  इसके  पहले  थी  या  इसके  बाद  होगी  इस  बारे  में  कोई  surety से  नहीं  कह  सकता … पर  अभी  जो  ज़िन्दगी  है  वो  एक  सच  है  एक  हक़ीक़त  है , और  अगर  हम  एक  meaningful life जीना  चाहते  हैं  तो  हमें  इस  हकीकत   को  समझना  होगा . शायद  कुछ  लोग 
Complete Reading

हि‍न्‍दुस्‍तान में हि‍न्‍दुस्‍तान मर रहा है-मनोज कुमार

पि‍छले कुछ सालो से लगता है, हि‍न्‍दुस्‍तान हि‍न्‍दुस्‍तान नही रहा कुछ भी और इस देश में नही रहा सिर्फ चार चीजे है, पहला नरेन्‍द्र मोदी दूसरा राहूल गॉधी तीसरा हि‍न्‍दू और चौथा मुस्‍लमान, जि‍स जि‍न्‍ना की सकूनी प्रकृति ने हि‍न्‍दुस्‍तान के दो टूकडे कर दि‍ये जि‍सकी वजह से सीमा पार के आतंकवाद का जन्‍म हुआ
Complete Reading

Travelling on two boats-nidhi suraiya

Nowadays today’s students are “travelling on the two boats at the same time”. This sentence has very deep meaning it means that if they  focus on one dream than only they can achieve the goal and can become successful. But nowadays they carry all the stuff like, they chase their own dream which they want
Complete Reading

ज़िन्दगी में ज्यादा पैसो का लालच-दिशा शाह

ज़िन्दगी में कोई भी क्षेत्र से आगे बढ़ना हो. अभी से उस क्षेत्र से उच्च कमाई का सपना नहीं देखना चाहिए. ये गलत रास्ता पर ले के जाता है माइंड . सपना देखो लेकिन लेकिन पैसा से रिलेटेड नहीं देखना चाहिए , पैसा का लालच होस में नहीं  लाता है इंसान को .  अभिमान नहीं
Complete Reading

डर-दिशा शाह

हम जब ज़िन्दगी में आगे बढ़ते है तो , कभी हम रुक जाते है , ये होता है डर  के वजह से , क्यों की डर इंसान को एक दम कमजोर बना देता है . उसमें नकरात्मक भावना आने लगती है , जहा डर होगा वहा कभी सकरात्मक भावना आती ही नहीं है . ,
Complete Reading

साहित्य-दिशा शाह

आज के समय में साहित्य इतना कमजोर होते जा रहा  है की उसका कोई अनुमान भि नहीं लगाया जा सकता है . साहित्य  इंसान के अंदर बुराई को विनास करता है ,और इंसान के अंदर मानवता को जगाता है साहित्य . आज कल लोगो की सोच  गलत होती जा रही है  और इंसान गलत होते
Complete Reading

एक बेहतर व्यवस्था की ओर-शिव प्रताप पाल

नियम पर नियम, कानून पर कानून, तारीख पर तारीख, जाँच पर जाँच, जाँच समितियों के ऊपर जाँच समितियां, आयोग पर आयोग, न्यायाधिकरणों पर न्यायाधिकरण, जब तक ये सब अपने देश में चलता रहेगा, तब तक घोटाले पर घोटाले होते रहेंगे| राजनेता नोट काटते रहेंगे, गरीबों को नोचते खाते रहेंगे, बराबर ज़ुल्म ढाते रहेंगे, नौकरशाह इनके
Complete Reading

Create Account



Log In Your Account