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छत्तीसगढ़ के बीस बरस::

छत्तीसगढ़ के बीस बरस::
छग देश का 26वां राज्य 1 नवंबर 2000 को बना। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का 9वां बड़ा राज्य और 2 करोड़ 50 लाख जनसंख्या के लिहाज से 17वां बड़ा राज्य है। राज्य में 70 फीसद ग्रामीण जनसंख्या है, जिसकी आजीविका का प्रधान साधन कृषि है।
राज्य में पहले 3 संभाग था, अब 5 संभाग हो गए हैं। जिला पहले 16 थे, अब 28 हो गए हैं। तहसील पहले 98 था, अब 174 हो गए हैं। नगर निगम 9 था, 14 हो गए हैं। नगरपालिका 28 था, 43 हो गए हैं। नगर पंचायत 49 था, 109 हो गए हैं।
यहां धान की उत्पादकता अधिक होने के कारण इसे ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है। सिंचाई के साधनों का विस्तार बस्तर व सरगुजा संभाग में नहीं के बराबर है। जबकि रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग में बहुतायत में है।
2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य में 71 प्रतिशत साक्षरता है, लेकिन जो साक्षरता है, उसमें भी ऐसे लोगों की संख्या अधिक है, जो कभी केवल नाम लिखना जानते थे, किंतु वे अब नाम तक लिखना भूल चुके हैं।
बावजूद इसके, पहले जहां केवल 4 विवि थे, अब 14 विवि हो गए हैं। इसी तरह केंद्रीय विवि 1 है, जो पहले नहीं था। इसी तरह दंत महाविद्यालय 6, आइआइआइटी 1, आइआइटी 1 आइआइएम 1 है, जो पहले एक भी नहीं था। पहले चिकित्सा महाविद्यालय 1 था, अब 9 हो गए हैं।
यहां करीब 40 प्रतिशत भूभाग में वन हैं। वनक्षेत्रों में आदिवासियों का निवासस्थान है, जो राज्य में 33 फीसदी हैं। इसी वनीय क्षेत्रों में नक्सलियों ने अपने गढ़ बना लिया है।
बैलाडिला का लौह अयस्क विश्वप्रसिद्ध है, जो जापान को पूर्ति किया जाता है। बैलाडिला के लौह अयस्क के चलते अब बस्तर जिला के नगरनार में स्टील प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
दल्ली राजहरा के लौह अयस्क से भिलाई इस्पात संयंत्र संचालित है। रावघाट से भिलाई को लौह अयस्क की पूर्ति के लिए रेललाइन बिछाने का कार्य जारी है।
छग हर्बल राज्य और पावर सरप्लस राज्य है। बिलासपुर संभाग राज्य का पावर हब है। सरकारी और निजी सेक्टर मिलकर यहां करीब 23 हजार मेगावाट से अधिक विधुत-उत्पादन करते हैं। सरगुजा संभाग के खदानों से निकलनेवाले कोयले ये धमनभट्टियां चलती हैं।
इसी तरह परसदा स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर-राजधानी में जंगल सफारी अद्वितीय है। क्रिकेट स्टेडियम दर्शक क्षमता 65 हजार के साथ भारत का दूसरा बड़ा स्टेडियम है। जंगल सफारी भी एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी है।
इसके बावजूद छग की धरती अमीर है, लेकिन रहनेवाले गरीब हैं। यहां गरीबी, कुपोषण, बेरोजगारी, अशिक्षा, एनीमिया, मलेरिया, स्वास्थ्य, अंधविश्वास, अपराध, नशाखोरी, मानव तस्करी, असंतुलित विकास, पलायन जैसी चुनौतियां विद्यमान हैं।
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