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बालीवुड पर संकट के बादल-वीरेंद्र देवांगना

बालीवुड पर संकट के बादल::
सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर दिशा सालियान और स्वयं सुशांत की मौत के बाद उपजे ड्रग्स एंगल ने बालीवुड में हडकंप मचा दिया है। उनका नशा हिरण हो गया है, जो कभी-न-कभी ड्रग्स का सेवन किए हैं या ड्रग्स का लेनदेन करने के लिए चैट किए हैं। इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) उन सबका कच्चा चिट्ठा खंगाल रही है, जिनका नाम पूछताछ में सामने आया है।
ड्रग्स मामले में पहली गिरफ्तारी सुशांत की प्रेमिका कहीं जानेवाली रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक चक्रवर्ती की हुई है। इसी के साथ सुशांत के मैनेजर सेमुअल मिरांडा और उसके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी भी गिरफ्त में आए हैं।
रिया चक्रवर्ती अपने भाई से ड्रग्स खरीदती थी और सुशांत को देती थी। उसका भाई शौविक ड्रग पैडलर अब्दुल बासित परिहार और कैजिन इब्राहिम से गांजा व मारिजुआना खरीदता था। इस तरह तार जुड़ते गए हैं।
अब, जांच का दायरा दीपिका पादुकोण, उसकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश, हीरोइन सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और रकुलप्रीत तक जा पहुंचा है। इनसे एक बार पूछताछ हो चुकी है।
नामी अभिनेत्री दीपिका पादुकोण वाट्सएप चैट को तो कबूल की है कि उसका चैट है, किंतु उसने बयान जारी कर कहा है कि वह इसका सेवन नहीं करती थी। लोगों से मजाक करने के लिए ‘माल’ आदि का जिक्र किया करती थी। ऐसा भ्रामक बयान उसी की मुश्किलें बढ़ानेवाला है। यह विरोधाभाषी बयान है, जो किसी को हजम होनेवाला नहीं है।
रकुलप्रीत ने कबूल किया है कि वह ड्रग्स लेती थी। ड्रग्स लेनदेन के लिए एक वाट्सएप गु्रप बना था। उसमें एक दर्जन लोग हैं। दीपिका के अलावा दो और सदस्य ग्रुप के एडमिन थे। इस ग्रुप में मधु मंटेना और धु्रव भी हैं। इसमें जया साहा, करिश्मा प्रकाश और क्वान कंपनी के हेड भी थे।
एनसीबी ने 45 शख्सियतों का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। उनके बैंक खातों और मोबाइल चैट की जांच की जा रही है कि इन्होंने ड्रग्स खरीद-फरोख्त के लिए खातों से कितना लेनदेन किया है।
वहीं श्रुति मोदी और सिमोन खंबाटा को बुलाया गया है। यही नहीं एनसीबी के राडार पर एक नामी टीवी सीरियल निर्माता, तीन फैशन डिजाइनर, एक प्रख्यात फिल्म निर्माता-निर्देशक, 7 बड़े अभिनेता और दो कोरियोग्राफर भी हैं।
करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन के डायरेक्टर क्षितिज रविप्रसाद के घर और दफ्तर पर छापा मारा गया, जिसमें गांजा मिला है। इन महाशय ने 50-50 ग्राम गांजा 12 बार खरीदा था और हर बार 3500 रुपया भुगतान किया था। यही नहीं, इन महाशय के करीबी अनुभव चोपड़ा से भी पूछताछ किया गया है।
क्षितिज रविप्रसाद ने एनसीबी पर ही आरोप मढ़ने का प्रयास किया है कि एनसीबी ने ‘थर्ड डिग्री टार्जर’ के जरिए नामी निर्माताओं का नाम लेने के लिए दबाव बनाया।
यह एक ऐसा मामला है, जिसमें ड्रग्स खरीदने, उसका उपयोग करने, उसको बेचने या उसको उपलब्ध करवानेवाला भी लपेटे में आ सकता है। इसलिए कइयों की रातों की नींद व दिन का चैन उड़ा हुआ है। कई ड्रग्स पैडलर चपेटे में आए हैं और जेल की हवा खा रहे हैं।
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