Notification

सी-प्लेन से उड़ानःः-वीरेंद्र देवांगना

सी-प्लेन से उड़ानःः
देश में पहली बार गुजरात के साबरमती नदी में 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सी-प्लेन का उद्घाटन करेंगे। सी-प्लेन साबरमती नदी से केवड़िया डेम तक के 220 किमी का सफर महज 45 मिनट में पूरा करेगा। ये प्लेन कनाडा के हैं, जिनके पायलट व क्रू मेंबर 6 महीने गुजरात में रहकर भारतीय पायलटों को प्रशिक्षित करेंगे। तत्पश्चात इसका संचालन विमानन कंपनी स्पाइस जेट द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि गुजरात में नर्मदा, साबरमती, तापी, अंबिका और पूर्णा जैसी बड़ी नदियां हैं, जो बारोमासी हैं। इसी के दृष्टिगत वहां सी-प्लेन का संचालन किया जाएगा।
गौर-ए-काबिल यह भी कि 9 दिसंबर 17 को गिरगांव-चैपाटी, मुंबई के सागर में स्पाइसजेट ने जापानी कंपनी, सेटोउची होल्डिंग की मदद से सी-प्लेन का दूसरा कामयाब परीक्षण किया था। परीक्षण के दौरान केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी एवं नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गणपति राजू मौके पर मौजूद थे।
इसके पूर्व नागपुर एवं गुवाहाटी में भी सी-प्लेन का सफलतम परीक्षण किया जा चुका है। देश में सी-प्लेन सेवा के विस्तार के वास्ते गत छह माह में स्पाइसजेट एवं जापानी कंपनी सेटोउची होल्डिंग साथ-साथ काम कर रही है।
सी-प्लेन की विशेषता यह है कि यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश होता है। इसे जल एवं थल पर आसानी से उतारा या चलाया जा सकता है। यह सिर्फ 300 मीटर की छोटी से हवाई पट्टी पर कामयाबी से उड़ान भर सकता है।
इससे देश के वे छोटे व मध्यम शहर, जो हवाईअड्डे व हवाईसेवा से वंचित है, उन्हें आसानी से हवाईसेवा मुहैया कराया जा सकता है। इसी तरह सैकड़ों नदियों, जलाशयों व जलधाराओं में जल यातायात का शानदार आगाज किया जा सकता है।
इस प्रकार पहले नागपुर व गुवाहाटी, फिर मुंबई में सफलतम परीक्षण के उपरांत सी-प्लेन सेवा एक साल भीतर शुरू करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए अमेरिका, जापान व कनाडा के सी-प्लेन नियमावली लेकर भारत के संदर्भ में एक नवीन नियमावली तीन महीने के अंदर बनाने की तैयारी की जा रही थी। ऐसा कहा जाता है कि एक साल के अंदर-अंदर सी-प्लेन महाराष्ट्र समेत समूचे देश में हवा से बातें करने लगेगा।
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने इस संबंध में कहा है कि देश में 7500 किलोमीटर सागरीय किनारा व हजारों जलाशय व नदियां हैं, जिसका इस्तेमाल सी-प्लेन सेवा के लिए किया जा सकता है तथा आवागमन को जनसामान्य के लिए सुगम व सुलभ बनाया जा सकता है। पहले की सरकारों ने इसपर काम नहीं किया, लेकिन वर्तमान सरकार इसपर और संजीदगी से काम कर रही है।
इसपर स्पाइसजेट के सीएमडी अजय सिंह का कहना है कि देशभर में सी-प्लेन सेवा शुरू करने के मकसद से स्पाइसजेट ने सौ सी-प्लेन खरीदने की योजना बनाई है। सी-प्लेन की छोटे-मध्यम शहरों में अपार संभावनाएं हैं। विमान कंपनी होने के नाते स्पाइसजेट की महती जवाबदारी है कि वह छोटे-मध्यम जिलों में हवाईसेवा शुरू करे। इससे पर्यटन क्षेत्रों व स्थलों में भी उछाल आने की काफी उम्मीदें हैं।
अतएव देश के वे क्षेत्र, जो पहाड़ी व पथरीली व जंगली है और जहां आवाजाही का कोई साधन नहीं है, वहाॅं सी-प्लेन वरदान साबित हो सकता है। यह दुर्गम पर्यटनस्थलों में आवागमन का सशक्त माध्यम भी बन सकता है।
वस्तुतः, ऐसे क्षेत्र, जो रेलमार्ग व सड़कमार्ग के अभाव में अत्यंत पिछड़े हैं। यहां आंतरिक आतंकवाद के पनपने की सबल भूमि मौजूद रहती है, जो आंतरिक सुरक्षा के लिए सरकारों व जनमानस को झकझोरती है। यहां तक कि ऐसे क्षेत्रों की दुर्गमता सुरक्षाबलों के सामने गंभीर चुनौतियां उत्पन्न करती हंै। सो, सी-प्लेन सेवा आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकता है।

                --00--

Leave a Comment

Connect with



Join Us on WhatsApp