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छत्तीसगढ़ की पयर्टन नीति 2020-वीरेंद्र देवांगना

छत्तीसगढ़ की पयर्टन नीति 2020::
नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण छग में सुरम्यवादियों, जलप्रपातों, वनीय क्षेत्रों एवं जैवविविधता का खजाना है। पर्यटनस्थल जीवंत सभ्यता, संस्कृति एवं परिवेश के खान हैं, जो जीवन में उत्साह, उमंग एवं ऊर्जा का संचार करते हैं। पर्यटनक्षेत्र स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, पर्यटन उद्योग का विकास करते हैं और स्थानीय लोगों को पर्यटन उद्योग से जोड़ते हैं। छग पयर्टन नीति 2020 के तहत निम्नांकित क्षेत्रों को विकसित करने की योजना है।
1. सिरपुर बुद्ध सर्किटः सिरपुर बौद्ध विहार के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए सिरपुर को बुद्ध सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना है। इसी तरह राम वनगमन सर्किट के लिए प्रथम चरण में नौ स्थलों का चयन किया गया है।
2. होम स्टे एवं ट्रायबल टूरिस्ट सर्किटः ग्रामीण संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 11 जगह पर होम स्टे और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट में सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही है।
3. नौ बांधों में विदेशी क्रूजः पर्यटनक्षेत्रों में आय के स्त्रोत बढ़ाने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़े बांधों में जल पर्यटन का शुभारंभ किया जा रहा है। ये बांध हैं-मुरूमसिल्ली-धमतरी, हसदेव बांगों-रायगढ़, सतरेंगा-कोरबा, संजय गांधी जलाशय-खूटाघाट-रतनपुर, गंगरेल जलाशय-धमतरी, सरोधा बांध-कबीरधाम, समोधा बैराज-रायपुर, कोडार बांध-रायपुर, मलानिया बांध-गौरेला, दुधावा बांध-कांकेर।
4. डिग्री व डिप्लोमा कोर्सः नेशनल काउंसिल फार होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टैक्नोलाजी, नई दिल्ली से होटल मैनेजमेंट को मान्यता मिलने के उपरांत प्रदेश में डिग्री एंव डिप्लोमा पाठ्यक्रम का आरंभ किया जा रहा है।
5. जागरूकता कार्यक्रमः पयर्टन को लेकर आमलोगों में जागरूकता को बढ़ाने के लिए कोरोना के दृष्टिगत आनलाइन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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Virender Dewangana

Virender Dewangana

मैं शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हूँ। लेखन में रुचि के कारण मै सेवानिवृत्ति के उपरांत लेखकीय-कर्म में संलग्न हूँ। मेरी दर्जन भर से अधिक किताबें अमेजन किंडल मेंं प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रहती है। मेरी अनेक किताबें अन्य प्रकाशन संस्थाओं में प्रकाशनार्थ विचाराधीन है। इनके अतिरिक्त मैं प्रतियोगिता परीक्षा-संबंधी लेखन भी करता हूँ।

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