देश की बरबादी की जड़ धारा 370-लवली राय

देश की बरबादी की जड़ धारा 370-लवली राय

धारा 370 एक ऐसा, कानून है जो भारत को दो टुकड़ों में विभाजित करने के लिए काफी है। एक ही देश में दो तरह के कानून की क्या, आवश्यकता है ? धारा 370 भारत को बरबाद करने के लिए काफी है।आतंकवाद की मुख्य जड़ है । धारा 370 कौन,से राष्ट्र हित की सोचकर यह धारा लागू की गई ? ये सोच से परे है ? क्या इस धारा को लागू करने से कशमिरियों का, कुछ भला हुआ ? नहीं न ? उलट इससे नुकसान हुआ है। आतंकवाद को बढ़़ावा मिला है, जिसके कारण औरतों ने, भाई, पति और बच्चों को खोया है। कमाल है, भारत का कानून वहां मान्य नहीं है ? अगर वहां की कोई लड़की भारत के किसी अन्य राज्य के लड़के से विवाह कर लेती है, तो उसकी मान्यता समाप्त कर दी जाती है।लेकिन अगर किसी पाकिस्तानी युवक से करती है, तो उसकी मान्यता कायम रहती है । इतना ही नहीं, बल्कि उस पाकिस्तानी युवक को भी वहां की नागरिकता मिल जाती है। अब आत़कवादियों को खूनी खेल खेलने के लिए इससे अच्छा अवसर और क्या मिल सकता है ? पहले भारत में आतंक फैलाने की योजना बनाओ, फिर उसे अमली जामा पहनाने के लिए वहां की लड़की से शादी करो। वहां की नागरिकता पाओ और शुरु करो अपना खूनी खेल। इसे कहते हैं आ बैल, मुझे मार ? जिस तिरंगे की रक्षा के लिए लाखों लोग बलिदान हो गए। आज उसी तिरंगे का अपमान करने का लाइसेंस अपने ही देश में मिला हुआ है। कमाल है ? ये देश यहाँ का कानून और उससे भी बढ़कर इस कानून को बनाने वाले। कहते हैं कि पड़ोसी मुल्क हमेंं तबाह करने पर तुला हुआ है, हो भी क्यों नहीं। इसकी जमीन तो हमने खूद हीं तैयार कर दी है। घारा 370 का कवच पहनाकर। अपने देश के दुशमन तो हम खुद हैं ।
हमें यह समझना होगा खासकर, के कशमिरियों को कि वो भारत का अभिन्न हिस्सा है। हम सब पहले भारतीय है न कि बिहारी, पंजाबी, बंगाली,कशमीरी। जरुरत है, इस देश को एक शूत्र में जोड़ने की, आतंक मुक्त देश बनाने की, और ये तभी संभव है, जब हमारी वफादारी देश के प्रति हो न कि राज्य या व्यक्ति विशेष के प्रति। और ये तभी संभव है, जब सारे देश में एक ही कानून लागू हो। अब वक्त आ गया है कि हम सब एक होकर उस कानून की मुखालफत करे, जिससे देश विभाजित हो रहा है। मेेेरी प्रधानमंत्रीजी और सभी राजनीतिक दलों से विनती है कि वे एकजूट होकर इस धारा को समाप्त करे। ताकि एक देश एक कानून रहे और देश एक शूत्र में बंधा हुआ रहे। ……जय हिंद।

 

 लवली राय

पटना, बिहार

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