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दुनिया में हिंदी-वीरेंद्र देवांगना

दुनिया में हिंदी::
हिंदी न केवल भाषा है, अपितु संस्कृति का संवाहक भी है। हिंदी से जुड़ना, मतलब भारत की पांच हजार साल पुरानी संस्कृति से जुड़ना है। आज, दुनिया के देश भारत को जानने-समझने के लिए हिंदी को अपने देश में महत्व दे रहे हैं।
भाषा ही वह सेतु है, जिसके जरिए एक-दूजे की संस्कृति को जाना और समझा जा सकता है। विदेशियों को भारत की आध्यात्मिकता को जानने की उत्कंठा उन्हें हिंदी सीखने के लिए विवश कर रही है। विदेशों में हिंदी न सिर्फ सिखाई जा रही है, वरन् विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में भी शामिल की गई है।
भारत के नागपुर में 10 जनवरी 1976 को पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया। तब से लेकर अब तक मारिशस, त्रिनिडाड और टोबैगो, अमेरिका, ब्रिटेन आदि देशों में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है।
नेपाल, अमेरिका, मारिशस, फिजी, दक्षिण अफ्रीका, सूरीनाम, युगांडा समेत दुनिया के 20 से ज्यादा देशों में हिंदी बोली व समझी जाती है। फिजी में तो यह राजकाज की भाषा बन गई है। नेपाल में हिंदी 80 लाख लोग बोलते हैं, तो अमेरिका में यह संख्या 7 लाख है।
दुनियाभर में करीब 60 करोड़ लोग हिंदी का इस्तेमाल करते हैं। भारत सहित 26 करोड़ लोगों की तो यह मातृभाषा है। इसमें यदि हिंदी की बोलियों को मिला दें, तो यह आंकड़ा 50 करोड़ के आसपास है। विश्व के 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाती है, इनमें से 45 विश्वविद्यालय अकेले अमेरिका के हैं।
इससे हिंदी की मांग बढ़ गई है। यही कारण है कि हिंदी में वीडियो देखने, यूटयूब, फेसबुक, वाटसएप, गूगल, माइक्रोसाफ्ट, अमेजन किंडल और अनेक डिजिटल प्लेटफार्म का हिंदी संस्करण आरंभ हो गया है और लगातार आरंभ हो रहा है।
हिंदी दुनिया के सर्वाधिक बोली जानेवाली चार भाषाओं में शुमार हो गया है। पहला है-चीन की मंडारिन भाषा। दूसरा है-स्पेनिश, तीसरा है-अंग्रेजी और चैथी है-हमारी-अपनी हिंदी। विश्व आर्थिक मंच ने भी स्वीकारा है कि विश्व की शक्तिशाली भाषाओं में हिंदी का स्थान है।
पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने 2006 से 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से लगातार विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी को आयोजित किया जाता है।
हिंदी दिवस एवं विश्व हिंदी दिवस में अंतर है। हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है, जबकि विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था। तभी से हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसका ध्येय हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है, ताकि हिंदी पूरे भारतवर्ष में फले-फूले।
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