नारी को स्वयं सशक्त बनना होगा-शोभ सृष्टि

नारी को स्वयं सशक्त बनना होगा-शोभ सृष्टि

दूसरों की ओर ताकने से कुछ नहीं होगा स्वयं कुछ करना होगा। नारी को स्वयं सशक्त बनना होगा। कमजोर नहीं हूँ मैं यह विश्वास फिर भरना होगा।—- नारी को स्वयं सशक्त बनना होगा अंदर छिपी शक्ति को फिर जागृत करना होगा।**** नारी को स्वयं—————- काली लक्ष्मी सरस्वती का रूप फिर धारण करना होगा। नारी को स्वयं———– वीर नारियों की गाथा को फिर साकार करना होगा । नारी को स्वयं—————— निर्भरता की तोड़ जंजीरें,*** आत्मनिर्भर** बनना होगा । नारी को स्वयं—————- भुला बैठी तू, जिस महिमा को फिर स्मरण करना होगा।नारी को स्वयं——— डर – कर बैठने से कुछ नहीं होगा , खुद योद्धा बनना होगा । कलयुगी असुरों से युद्ध तुझे लड़ना होगा नारी को स्वयं—————————- पल-पलहिम्मत तोड़ने वाले को कमजोर तुझे करना होगा। बहुत हो चुका अन्याय, अब न्याय तुझे करना होगा। नारी को स्वयं—————– नहीं चाहिए अहसान तुम्हारा, खुद अपना मान रखूंगी । बहुत समय तक चुप रही, अब अपने लिए लड़ूगी।😔😔😔😔😔😔

 

       शोभा सृष्टि
  करौली, राजस्थान

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