नई उम्मीद-सपना सिंह

नई उम्मीद-सपना सिंह

अकेली सी थी जिंदगी उदास सी जिसमें अपने प्यार की रोशनी जगाई आपने ।कभी ना सोचा थी कि कोई मेरी जिंदगी को इतनी उजागर करोगे मेरी रूह से अपनी रूह जोड़ोगे। जिस दिन आपने आपने सीने से लगाया था मैंने उस पल को अपनी जिंदगी का सबसे हसीन पल माना था सासे एक मिनट के लिए थम सी गई थी। जब आपने अपनी जिंदगी से मेरी जिंदगी को जोड़ा था। जीती हूं इस आस में की एक दिन आप आओगे मझे भी सबकी तरह डोली मै बिठाओगे  सपने तो बहुत सजाई थी लेकिन ये ना जानी थी कि कोई इसको भी सच करेगा लेकिन जिस दिन से आप मेरी जिंदगी में आए हो मानो नई सी जिंदगी मिल गई हो मझे हर खुशी मिल गई हो मझे मझे छोड़ कभी ना जाना  अधूरी सी हूं आपके बिना । जब भी आना मझे अपने सीने से लगाना सारे दर्द भूलकर मझे एक नई खुशी देना फिर इस अधूरे प्यार को एक नई मंजिल बनना।

 

Sapna Singh

 

सपना सिंह

पटना, बोरिंग 

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