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नशे का जाल-वीरेंद्र देवांगना

नशे का जाल::
फरवरी 2019 में आई नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट (एनडीडीटी) एम्स की रिपोर्ट के मुताबिक देश में नशा करनेवाले 10 से 75 आयुवर्ग की आबादी का प्रतिशत इस प्रकार है।
0.7 प्रतिशत लोग सूंघनेवाला नशा करते हैं। 1.8 प्रतिशत लोग नशीली दवाइयां लेते हैं। 2.1 प्रतिशत लोग अफीम लेते हैं। 2.8 प्रतिशत लोग गांजा पीते हैं और 14.6 प्रतिशत लोग शराब पीते हैं। यह देश की लगभग 20 प्रतिशत आबादी है, जो नशे की गिरफ्त में है।
तात्पर्य यह कि देश में पारंपरिक नशा तम्बाकू, शराब, अफीम के अलावा नशीले पदार्थों का सेवन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स स्मैक, हेरोइन, आइस, कोकीन, मारिजुआना आदि का उपयोग तेज गति से बढ़ा है।
इसी संस्था की रिपोर्ट के अनुसार 2004 से 2018 के बीच देश में अफीम का उपयोग पांच गुना बढ़ा है। देश में 90 लाख महिलाएं शराब, 40 लाख महिलाएं कैनबिस और 20 लाख महिलाएं अफीम का सेवन करती हैं। आशय यह कि हर 16 में-से एक महिला को शराब की इतनी लत लग चुकी है कि वे शराब के बिना रह नहीं सकती। वहीं, पुरुषों में ये आंकड़ा 5 में-से एक है।
उक्त रिपोर्ट यह भी कहती है कि भारत में 16 करोड़ लोग शराब का नशा करते हैं। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। देश में 1.5 करोड़ महिलाएं शराब, अफीम व कैनबिस का सेवन करती हैं।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मुंबई में जिस तरह ड्रग्स के सप्लायर और सेवनकर्ता सपड़ में आए हैं, उसी तरह छग में भी पुलिस सक्रियता दिखाकर रायपुर, बिलासपुर व भिलाई में कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया है। इनके पास से कई रईसजादों के साथ ही राजनीति से जुड़े लोगों के नाम मिले हैं।
मुंबई में जिस तरह से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पूछताछ की है, उसी तर्ज पर छग की राजधानी की पुलिस ड्रग्स पैडलर्स से पूछताछ की तैयारी में है।
ऐसा ही हाल संडलवुड कहे जानेवाले कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरु में भी है, जहां खुल्लम-खुल्ला ड्रग्स के शौकीन गिरफ्त में आए हैं, जिसमें संडलवुड से जुडे़ अदाकारा भी शामिल हैं।
पंजाब, जम्मू-कश्मीर सहित दीगर राज्यों का भी यही आलम है। पंजाब की नशाखोरी तो जगजाहिर हो चुकी है।
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