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पर्यटन का महत्व-रेखा-शर्मा

आप सभी को पर्यटन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
​पर्यटन-एक ऐसी यात्रा है जो मनोरंजन या आनंद लेने के लिए या मानसिक थकान को दूर करने के लिए सपरिवार या अकेले आनंद उठाने वाली यात्रा है।
​वर्तमान स्थिति में हर व्यक्ति किसी न किसी कारणों से आवश्यकता से अधिक व्यस्त होता है।अपने दैनिक दिनचर्या के अलावा और कोई दूसरा कार्य करने का समय ही नहीं होता है। अपने परिवार को समय देना बच्चों के साथ खेलना-कूदना कहीं बाहर यात्रा करना रोचक तथ्य आदि के बारे में बताना इन सभी के लिए व्यस्त दिनचर्या में कोई समय ही नहीं होता है। ऐसे लगता है मानो खुशियों के पल बस पिताजी के काम बच्चों की पढ़ाई और मां के घरेलू कार्य में गुम सी हो गई है। इन सबके बावजूद भी कुछ दिनों का समय निकालकर हर व्यक्ति को सपरिवार या अकेले में पर्यटन अवश्य करना चाहिए।इससे हमारी खुशियां मानो वापस से मिलती प्रतीत होती है एवं पर्यटन स्थल की कुछ रोचक बातें, वहां की जलवायु आदि का भी बोध होता है।
​इन सब के लिए पर्यटन एक अच्छा माध्यम माना जाता है।प्रति वर्ष 27 सितंबर को पर्यटन दिवस मनाया जाता है इस बेहतरीन मौके पर आइए नजर डालते हैं… हमारे पर्यटन स्थलों पर
​संपूर्ण भारत में अनेकों पर्यटन स्थल है आइए हम छत्तीसगढ़ की कुछ प्रमुख 20 पर्यटक स्थलों के बारे में जानते हैं।
​1. छत्तीसगढ़ के तीर्थ स्थल डोंगरगढ़ –डोंगरगढ़ को छत्तीसगढ़ का शीर्ष तीर्थस्थल माना जाता है और यह एक शीर्ष पर्यटक आकर्षण भी है। माँ बम्लेश्वरी के नाम से यहाँ एक प्रसिद्ध मंदिर है जो लगभग 1,600 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। मंदिर को बाडी बम्लेश्वरी भी कहा जाता है। एक और मंदिर जो इस मंदिर से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, को छोटा बम्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है।
​​2.पर्यटन स्थल धमतरी- 14 वीं वीं शताब्दी के चालुक्य साम्राज्य का घर, धमतरी छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण पर्यटन शहर है, जो अपने प्राचीन मंदिरों के लिए भी जाना जाता है। इस शहर की आबादी लगभग 82000 है। यह हर साल पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है, खासकर मानसून में रविशंकर वॉटर डैम की यात्रा के दौरान।
​3.ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल दंतेवाड़ा – दंतेवाड़ा मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के गठन के बाद, 1998 में अस्तित्व में आया। बस्तर जिले में स्थित, दंतेवाड़ा के विचित्र छोटे शहर में नदियाँ, शानदार पहाड़ी चोटियाँ और हरे-भरे घास के मैदानों के शानदार दृश्य दिखाई देते हैं।
​4. चित्रकूट जलप्रपात-छत्तीसगढ़ भारत के प्रमुख इकोटूरिज्म डेस्टीनेशन्स में से एक है, जिसमें विभिन्न प्रकार के झरने, पहाड़ियाँ, घाटियाँ और समृद्ध भू-भाग हैं। चित्रकूट छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला झरना है। यह जगदलपुर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है और जगदलपुर में और इसके आस-पास के लुभावने सूर्यास्तों के लिए प्रसिद्ध पर्यटकों के आकर्षण में से एक है जो गिरने के दौरान आपको मंत्रमुग्ध कर देता है।
​5.चार्रे मर्रे झरना –चार्रे मार्रे झरने छत्तीसगढ़ राज्य में घूमने के लिए एक शानदार जगह है। झरना 16 मीटर ऊंचा है और इतनी बड़ी ऊंचाई से गिरने वाला साफ पानी देखने में काफी दर्शनीय है। झरने के तल पर बनने वाले जलाशय में डुबकी लगाने के लिए एकदम सही जगह है। ठंडा पानी आपकी आत्मा और शरीर को जीवंत कर देगा। इस जगह की सुरम्य सुंदरता का आनंद लेते हुए कुछ शांतिपूर्ण समय बिता सकते हैं।
​6.प्राचीन भोरमदेव मंदिर- भोरमदेव मंदिर, कोणार्क के सूर्य मंदिर के समान है और माना जाता है कि इसका निर्माण 7 वीं से 12 वीं शताब्दी के दौरान किया गया था। यह लोकप्रिय रूप से छत्तीसगढ़ के खजुराहो के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर से मिलता जुलता है। भोरमदेव मंदिर को “छत्तीसगढ़ के खजुराहो” के रूप में भी जाना जाता है? यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर में वास्तुकला की उत्कृष्ट नागर शैली और जटिल नक्काशीदार चित्र कला का एक शानदार काम है।
​7.मडकु द्वीप- मडकु द्वीप छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिवनाथ के मौन नदी के पास स्थित एक सुंदर द्वीप है। द्वीप एक मेंढक के आकार का है, इसलिए इसे मडकु द्वीप कहा जाता है। इस द्वीप की सुंदरता मंत्रमुग्ध करने वाली मानी जाती है। सुरम्य मडकू द्वीप का क्षेत्रफल लगभग 24 हेक्टेयर है और यह हरियाली से भरपूर है। यह द्वीप अपने प्राचीन मंदिरों और उनके ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है।
​8.सिरपुर-सिरपुर छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित एक छोटा सा गाँव है, जो महानदी नदी के तट पर स्थित है। यह महासमुंद जिले से 35 किमी दूर और रायपुर शहर से लगभग 78 किमी दूर है। सिरपुर गाँव एक पुरातात्विक आश्चर्य है। यह गाँव अपनी मंदिर संस्कृति से समृद्ध है। यह 8 वीं शताब्दी से पुरातात्विक निष्कर्षों के लिए एक खजाना है।
​9.चिरमिरी-चिरमिरी छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। चिरिमिरी या चिरमिरी को ‘छत्तीसगढ़ का जन्नत / स्वर्ग’ कहा जाता है। हरे-भरे हरियाली, पहाड़ और नदियाँ इसे किसी को भी सुकून देने के लिए एक आदर्श स्थल बनाते हैं। यह दर्शनीय शहर अपनी कोयला खदानों के लिए भी जाना जाता है। कई मंदिर और अन्य स्थान हैं जो पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हैं।
​10.कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान –भारत के सबसे घने राष्ट्रीय उद्यानों में से एक के रूप में जाना जाने वाला, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान एक समृद्ध जैव विविधता, लुभावनी परिदृश्य, प्राकृतिक झरने, के लिए मशहूर है। पार्क छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में स्थित है। कांगेर घाटी (घाटी) नेशनल पार्क, 200 किमी के दायरे में फैला है, यह शानदार कांगेर घाटी के बीच एक बायोस्फीयर रिजर्व है, जो 34 किमी तक फैला है।
​11.-बर्नवापारा वन्यजीव अभयारण्य।
​12.-मैनपाट।
​13.-एम एम फन सिटी वाटर एम्यूजमेंट पार्क।
​14.-तीरथगढ़ जलप्रपात।
​15.मुक्तांगन, रायपुर
​16.- रानी धरा, कवर्धा
​17.-जतमई घटारानी
​18.-गिरौदपुरी धाम
​19.-रानी झरिया झरना, कोरबा
​20.-अमृतधारा जलप्रपात, सरगुजा
यह छत्तीसगढ़ के 20 प्रमुख पर्यटक स्थल है।आप भी सपरिवार पर्यटन के लिए समय निकालें और इसका आनंद उठाएं।

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