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सात फेरों के सात वचन-हेमा पांडे

एक हृदय चाहता है कि वह दूसरे ह्रदय से संपर्क स्थापित करें. आपस में दोनों का प्यार हो .दोनों हिर्दय एक मधुर कल्पना से ओत-प्रोत हो ,और जब दोनों ह्रदय एक सूत्र में बंध जाते हैं, तब उसे समाज विवाह का नाम देता है .एक वैवाहिक जीवन तभी सुख में हो सकता है जब उसका अर्धांग भी सुंदर हो ,समझदार हो ,प्रेम की भावना से भरा हुआ हो ,तथा दोनों के हृदय एक दूसरे में मिल जाने की क्षमता रखते हो. 1- पहला फेरा प्रेम का होता है. पति पत्नी का संबंध भावनाओं से जुड़ा होता है. उन में लड़ाई झगड़े होते ही रहते हैं ,पर मन में एक गांठ लगाकर नहीं रखना चाहिए ,अगर पहले आप बातचीत शुरू कर देंगे तो ज्यादा उचित रहेगा. क्योंकि प्रेम वह पहला फेरा है जिसका पालन आपको पूर्ण रूप से करना पड़ेगा. और यदि आप ईमानदारी से इसे अपने जीवन में शामिल करके चलेंगे तो अवश्य ही आपसी तनाव और गलत फैमी को समाप्त करने में सक्षम हो पाएंगे. 2- दूसरा फेरा व्यावहारिकता का होता है. अगर आप पत्नी है, और आपके अंदर अनेक गुण मौजूद है. लेकिन आपके मन में पति के ऊपर शासन करने की भावना है तो .आपके सारे गुण अवगुण में दिखाई देने लगते हैं .पति भी अपने सम्मान की आपसे आशा रखता है. आप प्रत्येक बाद में उसे यह अहसास दिलाएंगे कि मैं उनसे ज्यादा गुणवान हूं रूपवान हूं व्यवहार कुशल हूं तो यह पति का अपमान होगा. जिसे वह धीरे-धीरे पहले अपने मन में रखेगा, उसके बाद अपने चारों ओर एक ऐसा घेरा बना देगा कि आप सारे गुण में सक्षम होने के बावजूद अपने पति के दिल में जगह नहीं बना पाएंगी. 3- तीसरा फेरा आपसी सामंजस्य का . आपसी लड़ाई झगड़ों के बाद पति पत्नी आपस में मौन धारण कर लेते हैं .पहले यह मौन कुछ समय का होता है, लेकिन धीरे-धीरे जब मौन लंबे समय तक रहने लगे तो ,पति पत्नी के मध्य वैचारिक संबंधों में इतनी बड़ी खाई बनने लगती है कि समय भी उसे समाप्त नहीं कर सकता ,.अतः जब भी ऐसी स्थिति हो तो मौन धारण करने के बजाय आपस में हास परिहास कर वातावरण को अनुकूल बनाने की कोशिश करें .ऐसा करने से पति पत्नी को भावनात्मक रूप से एक दूसरे का बल मिलता है और आपस में सहयोग की भावना बरकरार रहने लगती है .साथ ही आप की आस्था का तीसरा व्यक्ति लाभ नहीं उठा पाएगा .अन्यथा परस्पर की उदासीनता से पति पत्नी के मध्य व्यक्ति को प्रवेश करने का अवसर मिलता है .इस तरह पूरी गृहस्थी छिन्न भिन्न हो जाती है .इसलिए आपस में समझदारी से काम लें और एक दूसरे से हुए गलतियों को नजरअंदाज करने की कोशिश करें. 4- चौथा फेरा पूर्ण विश्वास का होता है. ऐसा ना हो कि आप के झगड़े का फायदा उठाकर अन्य व्यक्ति आप के मध्य गलतफहमियां बना दे .इसलिए एक दूसरे पर विश्वास करना ,आप सभी लोगों को दोनों लोगों को बहुत जरूरी है .पति-पत्नी के संबंधों की न्यू पूरे विश्वास पर ही तो आधारित होती है. यदि इस न्यू की एक ईंट भी खिसक गई तो आपका वैवाहिक जीवन डगमगाने लगेगा .आप के बीच विश्वास स्थापित करने के लिए एक दूसरे के ऊपर प्रेम, विश्वास, आदर ,सम्मान बनाना जरूरी है . 5- 5 वा फेरा मधुरता का होता है .आप कितने भी व्यस्त हो ,पर कुछ समय पत्नी के साथ बिताए. क्योंकि यह आपके गृहस्थ जीवन को मधुर बनाने की कुंजी है . अत्यधिक व्यस्त होने के बाद भी पत्नी का पूरा दिन इस इंतजार में कटता है कि कुछ और समय आप के साथ मधुरता से बितेगा. लेकिन जब उसे ई समय नहीं मिलता तो उसका दुख कभी झुंझलाहट के रूप में, कभी गुस्से के रूप में, तो कभी चिड़चिड़ा हट के रूप में निकलता है. अतः पति को चाहिए कि अपने सारे कामों के बाद या बीच में कुछ और मधुर का पत्नी के साथ भी गुजार ले जिससे पति भी अपने कार्य के तनाव से बाहर निकल आता है और पत्नी को पति से शिकायत करने की कोई वजह सामने नहीं रहती . 6- छठा फेरा त्याग का होता है. वर्तमान युग में पत्नी सिर्फ खाना पकाने या बच्चा पैदा करने के लिएनही होती है .बल्कि पति व्यावहारिक रूप से भी उससे सहयोग चाहता है. वह चाहता है कि वह उसकी सहयोगिनी बने ना कि सिर्फ घर के कार्यों में रुचि रहे कुछ स्त्रियों की आदत होती है कि वह अपने पति को दुनिया का सबसे बेकार इंसान समझती है, पति उनके लिए कुछ भी करें उनके मुंह से हमेशा उलाहना हर्ट करना सबके सामने उपहास का पात्र बनाना ही अच्छा लगता है, ऐसा व्यवहार करके वह स्वयं को अत्यंत बीर समझती हैं. लेकिन ऐसा नहीं होता वह पत्नी अपने पति को पूरी तरह से अपने से अलग करती है. पत्नी को चाहिए वह पति की इच्छाओं का भावनाओं का आदर करें .उसके प्रति सहयोग की भावना स्थापित करें. जिससे परिवार में कलह का वातावरण ना बन पाए. 7 – 7 वा फेरा समर्पण का होता है. ज्यादातर स्त्रियों में आदत होती है कि वह अपने पति के मध्य छोटी-छोटी बातों को भी अपने माता-पिता, भाई-बहन तथा सब से कहती है जो आपको हास्य का विषय बना देता है .आप एक समझदार पति पत्नी की तरह आपस के झगड़े को तीसरे से ना करें. यही वजह होती है ,हमारे बीच में कलह की शुरुआत. यदि आप एक दूसरे से सम्मान चाहते हैं तो अपने झगड़ों को. अपने तक ही सीमित रखें और अपने बीच में ही सुलझाने का प्रयास करें. तीसरा व्यक्ति आपके बीच में उठ रहे तनाव को कम नहीं कर सकता बल्कि और बढ़ा सकता है. इसलिए आपसी तनाव पति पत्नी को अलग करने की सबसे बड़ी कारण बनती है.

 

 

 Hema Pandeyहेमा पांडे

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Hema Pandey

Hema Pandey

मैं हेमा पांडेय बाल साहित्यकार की कवित्री हूँ।

3 thoughts on “सात फेरों के सात वचन-हेमा पांडे”

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