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वीआईपी सुरक्षा पर करोड़ों स्वाहा-वीरेंद्र देवांगना

वीआईपी सुरक्षा पर करोड़ों स्वाहा::
हाल ही में मशहूर फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। वर्तमान में केंद्र व राज्यों को मिलाकर 20,888 व्यक्तियों को विभिन्न श्रेणियों में 56,944 जवान सुरक्षा दे रहे हैं। अर्थात 1 वीआईपी के पीछे करीब 3 जवान। इसमें अकेले केंद्र सरकार 2020 में 450 लोगों को वीआईपी सुरक्षा प्रदान कर रही है। लेकिन अफसोस यह कि लोकतांत्रिक देश में 666 आम लोगों के पीछे महज एक पुलिस जवान है।
देश के खजाने से 2015 में 257, 2016 में 292, 2017 में 268, 2018 में 300 लोगों को सुरक्षा प्रदान करती रही है। लेकिन, सरकार न आरटीआई कार्यकर्ताओं को, न सदन में ये बताने के लिए तैयार है कि ये वीआईपी लोग कौन हैं और इनपर सरकार का कितना खर्च हो रहा है।
सुरक्षा श्रेणियां
सुरक्षा-व्यवस्था को चार श्रेणियों में बांटा गया है। पहला उच्चतम स्तर-जेड$ दूसरा-जेड, तीसरा-वाई और चैथा-एक्स।
खतरे के आधार पर वीआईपी सुरक्षा पानेवालों में राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति और उनका परिवार; उपराष्ट्रपति, पूर्व उपराष्ट्रपति और उनका परिवार; लोकसभाध्यक्ष, पूर्व लोकसभाध्यक्ष और उनका परिवार; प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनका परिवार; केंद्रीयमंत्री, पूर्व केंद्रीयमंत्री और उनका परिवार; राज्यपाल, पूर्व राज्यपाल और उनका परिवार; मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और उनका परिवार; राज्यों के मंत्री, विधानसभाध्यक्ष, सांसद, विधायक, जज, पूर्व जज, नौकरशाह, पूर्व नौकरशाह, बिजनेसमैन, क्रिकेटर, फिल्मी कलाकार, साधु-संत, मेयर, पार्षद और आम नागरिक आदि-इत्यादि हो सकते हैं।
1. एसपीजी के बाद जेडप्लस सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। जेड प्लस में 55 जवान होते हैं, जिसमें मशीनगन के साथ 10 एनएसजी कमांडो भी शामिल हैं। 24 घंटे में 108 जवान सुरक्षा करते हैं। इससे प्रतिव्यक्ति प्रतिमाह अनुमानित खर्च 1 करोड़ रुपया होता है।
2. जेड श्रेणी में चार से पांच कमांडो सहित 22 सुरक्षागार्ड और पांच एनएसजी कमांडो सुरक्षा करते हैं। यह सुरक्षा योगगुरु रामदेव सहित अभिनेता आमिर खान इत्यादिक करीब 38 लोगों को प्रदान की जा रही है। इसका खर्च प्रतिव्यक्ति प्रतिमाह 20 लाख रुपया है।
3. वाई श्रेणी में सीआरपीएफ 11 सुरक्षाकर्मी और 2 एनएसजी कमांडो तैनात रहते हैं। इन सुरक्षाकर्मियों के पास स्वचालित हथियार होते हैं। इस श्रेणी में प्रतिव्यक्ति प्रतिमाह 12 लाख रुपया अनुमानित खर्च किया जाता है।
4. एक्स श्रेणी में 1 पीएसओ सहित 2 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाती है। इसमें कमांडो नहीं होते। इस श्रेणी में प्रतिव्यक्ति प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख रुपया खर्च होता है।
गौरतलब यह भी कि सुरक्षा पर खर्च में स्थानीय पुलिस, वाहन, पेट्रोल, संचार आदि को शामिल नहीं किया गया है। आशय यह कि देश में वीआईपी सुरक्षा के नाम पर जनता की गाड़ी कमाई का करोड़ों रुपया हर माह फूंका जा रहा है, लेकिन जब बेरोजगारों को नौकरी, वृद्धों को पेंशन, किसानों व आम नागरियों को सुविधाएं देने की बात की जाती है, तो सरकारें खर्च का रोना लेकर बैठ जाती हैं।
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Virender Dewangana

Virender Dewangana

मैं शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हूँ। लेखन में रुचि के कारण मै सेवानिवृत्ति के उपरांत लेखकीय-कर्म में संलग्न हूँ। मेरी दर्जन भर से अधिक किताबें अमेजन किंडल मेंं प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रहती है। मेरी अनेक किताबें अन्य प्रकाशन संस्थाओं में प्रकाशनार्थ विचाराधीन है। इनके अतिरिक्त मैं प्रतियोगिता परीक्षा-संबंधी लेखन भी करता हूँ।

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