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बच्चों की कहानियां

लघुकथाःःः गणतंत्र दिवस का आशयःः-वीरेंद्र देवांगना

लघुकथाःःः गणतंत्र दिवस का आशयःः सुबह का समय था। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी। ठंडी से हाथ-पांव कांप रहे थे। आज स्कूल में पालक संघ के अध्यक्ष सहित कई अतिथि आनेवाले थे। लेकिन, फूलहार तो प्रभारी भूल गए थे। उनका स्वागत फूलहार के बिना कैसे होगा? यह प्रश्न गणतंत्र के प्रभारी शिक्षक को सालने …

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मजाक

रोहित एक शांत लड़का था। वो अपनी माँ के साथ रहता था,पिताजी तो पहले ही बीमारी से बिस्तर पर पड़े रहते थे और माताजी सडक के किनारे सब्जियां बेचा करती थीं। घर में एक छोटा भाई और दो बहनें थीं,घर में सबसे बड़े होने के नाते उसके ऊपर जिम्मेदारियां भी थीं। दिन में रोहित स्कूल …

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हाथी का बच्चा-एस आर-कुरैशी

एक पेड़ पर एक चिड़िया अपने पति के साथ रहा करती थी। चिड़िया सारा दिन अपने घोंसले में बैठकर अपने अंडे सेती रहती थी और उसका पति दोनों के लिए खाने का इंतजाम करता था। वो दोनों बहुत खुश थे और अंडे से बच्चों के निकलने का इंतजार कर रहे थे। एक दिन चिड़िया का …

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जादुई माचिस -एस आर-कुरैशी

स्कूल की छुट्टी हुई। सभी स्कूल गेट की ओर बढ़ रहे थे। अभेद परेशान सा दिख रहा था। रेहाना ने पूछा, तो उसने घबराते हुए बताया, “अगले हफ्ते से एग्जाम हैं, डर लग रहा है।” यह सुनकर रेहाना हंस पड़ी, “लगता है, तुम एग्जामोफोबिया के शिकार हो गए हो। मंथली टेस्ट में भी तुम ऐसे …

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आसमान का राजा-एस आर-कुरैशी

एक जंगल में एक बंदरिया रहती थी उसका एक छोटा सा बच्चा भी था । नन्हा बन्दर दिन भर अपनी मा के साथ उछल कूद करता रहता था । बंदरिया अपने बच्चे का बहुत ध्यान रखती थी हमेशा उसे अपने साथ रखती थी। एक समय बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई और सभी जानवरो को खाने …

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एक छोटा नन्हा बंदर-किरंजनी

एक बार बसंत नामक गांव में अचानक से बंदरों का आगमन हुआ लोग उन सब से बहुत परेशान थे क्योंकि वह उनकी फसलों को खराब कर रहे थे और यही नहीं वह रात को उनके घर से सामान भी चुराते थे लोग परेशान होकर उन्हें लाठियों से मारते थे और अपने खेतों से भगाते रहते …

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बाल दिवस के लिए विशेषः पबजी प्रतिबंधित-वीरेंद्र देवांगना

बाल दिवस के लिए विशेषः पबजी प्रतिबंधित बिहार के गोपालगंज जिले में आनलाइन गेम पबजी में बार-बार हारने के बाद 14 वर्षीय छात्र हिमांशु कुमार ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह राजेंद्र नगर इलाके में रहता था। गोपालगंज केंद्रीय विद्यालय में 9वीं का छात्र था। उसके परिजनों के अनुसार, हिमांशु 13 मार्च की दोपहर …

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बाल दिवस के लिए विशेषः बच्चों को सही दिशा देने की जरूरत-वीरेंद्र देवांगना

बाल दिवस के लिए विशेषः बच्चों को सही दिशा देने की जरूरत सितंबर 2017 मेे रेयान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल-दिल्ली के नन्हे से छात्र प्रद्युम्न की हत्या उसी के स्कूल के छात्र ने इसलिए कर दिया, ताकि वह परीक्षा से बच सके। जनवरी 18 में लखनऊ के ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूल में पढ़नेवाली सातवीं की एक छा़त्रा …

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बाल दिवस के लिए विशेषः बाल श्रमिक-वीरेंद्र देवांगना

बाल दिवस के लिए विशेषः बाल श्रमिक बस्तर संभाग में बारसूर है, जो इंद्रावती नदी के तट पर बसा है। कभी यह ऐतिहासिक नगरी हुआ करता था। यहां इंद्रावती नदी सात धारों में विभाजित है, जो सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। इसी प्राकृतिकस्थल के करीब एक खेत में धान कटाई का काम चल रहा …

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बाल दिवस के लिए विशेषः शांता सिन्हा की आवाज-वीरेंद्र देवांगना

बाल दिवस के लिए विशेषः शांता सिन्हा की आवाजः बाल श्रम के खिलाफ आवाज बुलंद करनेवाली शांता सिन्हा का जन्म 7 जनवरी 1950 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर में हुआ था। वह हैदराबाद सेंट्रल विवि में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होने 1991 में एमवी फाउंडेशन की स्थापना की। वे बाल अधिकार आयोग की …

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बाल दिवस के लिए विशेषः आफत में मासूमों की जान-वीरेंद्र देवांगना

बाल दिवस के लिए विशेषः आफत में मासूमों की जान राजस्थान के कोटा के जेके लोन अस्पताल में 36 दिन में 110 बच्चे, जोधपुर स्थित डाॅ. संपूर्णानंद मेडिकल कालेज में 146 बच्चे, बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में 162 बच्चे, और उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल में 119 बच्चे असमय काल के गाल में समा गए। …

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बाल दिवस पर विशेषः बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम-वीरेंद्र देवांगना

बाल दिवस पर विशेषः बाल स्वास्थ्य कार्यक्रमः सरकारें बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया करती हैं। इसका ध्येय शिशु मुत्युदर में कमी लाना है। आंकड़े कहते हैं कि इस कार्यक्रम से 2005 में जहां शिशु मृत्युदर प्रति एक हजार पर 58 थी, वहीं 2014 में यह घटकर 39 रह गई। 2017 में यह आंकड़ा 33 पर पहुंच …

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