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यथार्त भगति मार्ग

#हिंदुत्वपथ…#हिंदुत्वपथ..!!-राकेश परशुराम

ये पक्तियां मेरे द्वारा रचित है आवश्य जिएं..यदि कोई त्रुटि है तो सलाह दें..!!🙏🙏 🍁ले शपथ ,कर पथ प्रशस्त…. जीवन को जीकर अग्निपथ। उक्त रक्तरंजित पथ को , कर सतत लथपथ लथपथ।। #हिंदुत्वपथ… #हिंदुत्वपथ..!! 🍁यह महान अनुष्ठान है…… आह्वान में बलिदान प्राण है । व्यक्तिगत अरमान को यूं प्रकांड रख मत ।। #हिंदुत्वपथ…..#हिंदुत्वपथ…!! 🍁#पारलौकिक ये …

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खुद को भूल गए -विराल थौघ्ट

प्रिय मानव आप यह जानते हैं कि हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार मानव जीवन एक कठिन साधना और युगों तक के संचित पुण्य के अनुसार चौरासी लाख योनियो में भटकने के बाद मुश्किल से प्राप्त होता है। शास्त्रों में वर्णित लेख के अनुसार जन्म होने से पहले समस्त प्राणी मात्र को गर्भ में रहना पड़ता …

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सत्य -विराल थौघ्त

ईश्वर सत्य है। आकाश सत्य है। सूरज सत्य है। चांद सत्य है। जन्म सत्य है। उसी प्रकार मृत्यु भी सत्य है। तुलसी दास के अनुसार कर्म प्रधान विश्व रचि राखा । जो जस करहिं सो तस फल चाखा।। फिर भी हम अत्याचार से नहीं डरते हैं । और न ही मृत्यु का भय खाते हैं …

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बलि प्रथा हिंदू धर्म में क्यों ? Uma mittal

कुछ हिंदू धर्म में विवाह आदि या पूजा समारोह में बलि दी जाती है जो कि अनुचित मानी गई है | सबसे पहले सभ्यता का विकास नहीं हुआ था तब लोग पशु पक्षियों को मार कर उसी का भोजन बनाकर देवी देवताओं को चढ़ाकर खाते थे |बाद में सभ्यता का विकास हुआ और धीरे धीरे …

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जानिए.. श्री अमरनाथ धाम की स्थापना कैसे हुई ?

श्री अमरनाथ धाम की स्थापना कैसे हुई :- भगवान शंकर जी ने पार्वती जी को एकांत स्थान पर उपेदश दिया था जिस कारण से माता पार्वती जी इतनी मुक्त हो गई कि जब तक प्रभु शिव जी (तमोगुण) की मृत्यु नहीं होगी, तब तक उमा जी की भी मृत्यु नहीं होगी। सात ब्रह्मा जी (रजोगुण) …

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रहस्य :- वैष्णो देवी के मन्दिर की स्थापना कैसे हुई ?

वैष्णो देवी के मन्दिर की स्थापना कैसे हुई :- जब सती जी (उमा देवी) अपने पिता राजा दक्ष के हवन कुण्ड में छलांग लगाने से जलकर मृत्यु को प्राप्त हुई। भगवान शिव जी उसकी अस्थियों के कंकाल को मोहवश सती जीे (पार्वती जी) जान कर दस हजार वर्ष तक कंधे पर लिए पागलों की तरह …

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जानिए.. श्री अमरनाथ धाम की स्थापना कैसे हुई ?

श्री अमरनाथ धाम की स्थापना कैसे हुई :- भगवान शंकर जी ने पार्वती जी को एकांत स्थान पर उपेदश दिया था जिस कारण से माता पार्वती जी इतनी मुक्त हो गई कि जब तक प्रभु शिव जी (तमोगुण) की मृत्यु नहीं होगी, तब तक उमा जी की भी मृत्यु नहीं होगी। सात ब्रह्मा जी (रजोगुण) …

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पवित्र तीर्थ तथा धाम की जानकारी

पवित्र तीर्थ तथा धाम की जानकारी किसी :- किसी साधक ऋषि जी ने किसी स्थान या जलाशय पर बैठ कर साधना की या अपनी आध्यात्मिक शक्ति का प्रदर्शन किया। वह अपनी भक्ति कमाई करके साथ ले गया तथा अपने ईष्ट लोक को प्राप्त हुआ। उस साधना स्थल का बाद में तीर्थ या धाम नाम पड़ा। अब …

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कबीर साहेब के द्वारा विभीषण तथा मंदोदरी को शरण में लेना

कबीर साहेब द्वारा विभीषण तथा मंदोदरी को शरण में लेना :- ??? परमेश्वर मुनिन्द्र अनल अर्थात् नल तथा अनील अर्थात् नील को शरण में लेने के उपरान्त श्री लंका में गए। वहाँ पर एक परम भक्त चन्द्रविजय जी का सोलह सदस्यों का पुण्य परिवार रहता था। वह भाट जाति में उत्पन्न पुण्यकर्मी प्राणी थे। परमेश्वर मुनिन्द्र …

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श्री भागवत गीता का ज्ञान किसने बोला जानिये सत्य क्या हैं ?

पवित्र गीता का ज्ञान श्री कृष्ण जी ने नही दिया काल ने दिया था। पवित्र गीता जी के ज्ञान को उस समय बोला गया था जब महाभारत का युद्ध होने जा रहा था।अर्जुन ने युद्ध करने से इन्कार कर दिया था। युद्ध क्यों हो रहा था? इस युद्ध को धर्मयुद्ध की संज्ञा भी नहीं दी …

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कबीर परमेश्वर की अमृतवाणी

कबीर परमेश्वर की अमृतवाणी कबीर, जिन हरि की चोरी करी, गये राम गुण भूल । ते विधना बागुल किये, रहे उर्धमूख झूल ।। कबीर परमेश्वर जी कहते है कि:- जो लोग मनुष्य जन्म पाकर सत् भक्ति नही करते वे बार बार गर्भवाश में आकर उलटे लटकते है तथा ऐसे जीवों के रुप में जन्म लेते …

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संत कबीर की अन्धविश्वास, पाखंड, भेदभाव, जातिप्रथा, हिन्दू ब्रह्माणवाद पर करारी चोट

संत कबीर के दोहे, हिन्दू और मुस्लमान के धार्मिक विचारो पर व्याख्यान जो तूं ब्रह्मण , ब्राह्मणी का जाया ! आन बाट काहे नहीं आया !! – कबीर (अर्थ- अपने आप को ब्राह्मण होने पर गर्व करने वाले ज़रा यह तो बताओ की जो तुम अपने आप की महान कहते तो फिर तुम किसी अन्य …

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