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साहित्य लाइव को धन्यवाद-एवरीवन

हम सब बोहोत खुशनसीब हैं जो आपने हमें अपने दिल की बात बेबाक होकर लिखने का अवसर दिया ।
हमारी त्रुटियों और कमजोरियों को जानकर भी अनदेखा किया ।
आप न होते यदि साथ हमारे ।
कब के गुमनाम हो गए होते हम गम के मारे ।
आपकी तारीफ करें उतनी कम हैं ।
आप तो पतझड़ में सावन का मौसम हैं ।
यूँही अपनी कृपादृष्टि सदैव बनाये रखना ।
आपका सान्निध्य हमसे न बचाये रखना ।
आपके होने से ही हम हैं ।
आप न हों तो दुनिया केवल दर्द भरा मातम है ।
धन्यवाद आपको कोटि कोटि साहित्य लाइव टीम जी ।
आपके ही प्रयत्नों से रोशन हमारे जीवन हैं ।

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