सलमान खान की फिल्मों की कहानी – सौरभ कैथवास

सलमान खान की फिल्मों की कहानी – सौरभ कैथवास

मेरा नाम प्रेम है और मेरे भाई का नाम रतन मेरी माँ हमेशा कहती रहती है कि प्रेम रतन धन पायो मैंने प्रेम रतन धन पायों । एक दिन माँ ने कहा जाओ प्रेम और रतन सब्जी लेते आओ । हम दोनों भाई करण अर्जुन की तरह घर के बाहर निकले । थोड़ी दूर चलते ही अचानक मेरे कंधे पर कबूतर आकर बैठ गया । मैंने कहा कबूतर जा जा जा कबूतर जा जा जा और वह उड़ गया । जुम्मे की रात थी हम दोनों बाजार गए और सब्जी खरीदी । तभी रतन बोला हेलो ब्रदर मैंने कहा क्या हुआ तो वो बोला चल सेल्फी ले ले रे । मैंने कहा एक किक मारूंगा लापता हो जाएगा अरे ये भी कोई जगह है सेल्फी लेने की । मैंने कहा चल मेरे भाई यहाँ नहीं कहीं और सेल्फी लेते हैं फिर हम लोग घर आए और सब्जी देने के बाद चोरी चोरी चुपके चुपके घर के बाहर निकल गए । हमारे घर के पास ही एक चिड़िया घर था तो हम लोग वहां गए और ढेर सारी सेल्फी लिए । पर अचानक थोड़ी देर में सब वहां से भागने लगे हम दोनों भी चिडिया घर के बाहर आए तो पता चला कि वहां एक था टाइगर जो पिंजड़े से बाहर निकल आया था । हम जल्दी ही घर पहुंचे मां ने कहा कहाँ गए थे हम दोनों ने बताया चिड़िया घर गए थे । तब माँ कहा जब तुम चाहो पास आते हो जब तुम चाहो चिड़िया घर जाते हो । फिर हम दोनों ने कहा सॉरी माँ और अंदर गए खाना खाकर सो गए । अगले दिन हम लोग सुबह रेडी होकर बाहर घूमने के लिए निकल गए । हम दोनों जुड़वा भाई थे और एक दूसरे के लिए लकी थे मुझे गर्व था अपने भाई पर इसलिए मैंने उससे कहा बाइक चलाने को । हम दोनों बाइक पर बैठे और निकल गए रास्ते में रतन बोलता है जीने के हैं चार दिन बाकी हैं बेकार दिन और बाइक स्पीड से चलाने लगा सामने नो एंट्री का बोर्ड दिख रहा था फिर भी वो उसी तरह बाइक चला जा रहा था । पास जाते जाते पुलिस ने देखा हमें और हम उसके नजर में वांटेड बन गए । मैंने कहा बाइक रोक फिर हम उतरे और मैंने अपनी प्रेमलीला दिखाई रतन को पीछे बैठाया और सही रोड पर चलाने लगा । रतन ने कहा अरे तू तो मेरा बॉडीगार्ड निकला चल रेस्टोरेंट चलते हैं आज की पार्टी मेरी तरफ से । फिर मैं बाइक रेस्टोरेंट की तरफ ले गया और हम अंदर गए एक तरफ मैंने अपने पसंद की डिश देखी और दूसरी तरह रतन अपनी पसंद की लड़की देखी । रतन मुझसे पूछता है कि पार्टनर जब प्यार किसी से होता है तो क्या होता है मैंने कहा किसने प्यार किया तो वो बोला मैंने प्यार किया । और मुझसे बोलता है वो देखो जो सामने अकेली लड़की बैठी हैं न उसे ही दुल्हन बनाऊंगा और दुल्हन हम ले जायेंगे । सच कहूँ तो यार बीवी हो तो ऐसी चाहे कुछ भी हो जाए पर आज उनसे मिलना है हमें । फिर वो उसके पास गया और मैंने कहा ऑल द बेस्ट । रतन वीर की तरह उस लड़की के पास गया और उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया । और बोला मैं हूँ हीरो तेरा तो वो बोली क्षमा करें मैं आपको नहीं जानती आप कौन ? फिर वो बोला मैं रतन हूँ सामने जो बैठा है वो मेरा भाई प्रेम है । हम दोनों जुडवां भाई हैं यहां लंच करने के लिए आए हैं । आपका नाम क्या है ? वो बोली मेरा नाम राधा है । फिर रतन बोलता है मैं गाना गाऊँ ? राधा ने कहा क्यों आप गायक है क्या जो गाना गाएंगे । तब रतन ने कहा क्योंकि हर दिल जो प्यार करेगा वो गाना गाएगा न । तब वो बोली अगर आपके दिल ने प्यार किया तो गाइए गाना फिर रतन गाना शुरू करता है हालो रे हालो रे हालो रे हालो रे राधा के अंगना । वो बोली बस करिये मैं गाना तब सुनती हूँ जब गाने में बेस होता है । तब रतन बोला अच्छा मतलब बेबी को बेस पसंद है । अच्छा क्या तुम मुझसे शादी करोगी तो वो बोली हम आपके हैं कौन ? तो रतन बोला दिल ने जिसे अपना कहा वो हो तुम । फिर राधा ने कहा मैं लव नहीं कर सकती तो रतन बोला क्यों अरे दुनिया में आयी हो तो लव कर लो । फिर राधा ने कहा पर सच तो यह है कि तुमको ना भूल पाएंगे क्योंकि तुमको भाई मानती हूँ जग घूमिया थारे जैसा भाई न कोई । और हाँ ये भी सुन लो हम साथ साथ हैं सिर्फ भाई बहन के जैसे । फिर रतन सोचने लगा मैंने प्यार क्यों किया और बोला राधा मेरी बहन चलता हूँ । फिर रतन मेरे पास आकर बैठ गया और मैंने उससे कहा गए थे दुल्हन बनाने और आ गए बहन बना कर । वो कुछ नहीं बोला फिर थोड़ी देर बाद बोला चलो चलते हैं यहाँ से । फिर मैंने बाइक स्टार्ट की और हम सीधा घर की तरफ निकल लिए और फिर रास्ते में रतन बोलता है यार प्रेम वो तेरी भाभी नहीं बन सकती तो क्या हुआ मेरी भाभी तो बन सकता है न । वादा कर किसी कि नहीं मेरी भाभी बने। मैं चाहत हुँ वो तेरी दुल्हन बने। मैने कहा ठीक है । फिर हम लोग घर पहुंचे । तभी माँ बाहर आई और बोली आ गए तुम दोनो । अंदर जाओ तुम्हारे पापा आ गए है अब चप्पल जूते पाओगे । फिर हम दोनो डरते हुए अंदर गए तो पापा बोले प्रेम तुम्हारे जूते खराब हो गए थे न ये लो नए जूते और रतन तुम्हारे पास चप्पल नहीं थी न ये लो नया चप्पल । फिर हम दोनो खुशी होकर अपने कमरे मे गए । थोड़ी दरी बाद माँ हमारे कमरे मे आई और बोली सुनो बगल वाले गेस्ट हाउस मे आज शादी है जो सामने वाले पडोसी है न उनकी । हम लोग नहीं जाएंगे तुम लोग चले जाना । हम लोग बोले हा चले जाएंगे । फिर हम दोनो रेडी होकर निकले । वहाँ पहुँचे तो रतन की नजर राधा पर पड़ी और उसने भी हम लोग को । वो इधर ही आने लगी तो रतन बोला मेरी बहना आ गई । वो आई और मुझसे बोली आपका नाम प्रेम है न आपके भाई ने बताया था । मैने कहा हाँ पर तुम्हारा नाम क्या है तो वो बोली मेरा नाम लीला है । तभी रतन बोला मुझे तो अपना नाम राधा बताई थी। फिर वो बोली कॅलेज का राधा और घर का लीला । तभी खाना शुरु हो गया सब गए खाना की तरफ और रतन भी गया । लीला बोली आप नहीं गए ? तो मैने कहा तुम भी तो नहीं गई न अभी इसलिए मैं भी नहीं गया । वो बोली अच्छा चलिए हम साथ खाना खाते है । फिर जो कुछ लीला ने लिया मैने भी वही लिया अपने प्लेट मे । खाना खाए और खूब बातें भी किए । मैं हाथ धुलाने के लिए आया । पानी पिया और सोचने लगा कि अब कैसे उसे दिल की बात बताए । फिर वो भी आने लगा इधर । वो हाथ धुलने लगी और मैं कुछ ढूँढने लगा । वो बोली प्रेम क्या ढूँढ रहे हो ? तो मैने कहा कि चैन ढूँढ रहा हूँ वो बोली किसका चैन तो मैने कहा दिल का । वो बोली मतलब ? तो मैने कहा तेरे मस्त मस्त दो नैन मेरे दिल का ले गए चैन । वो बोली मैं आपको अच्छी लगती हुँ न । बोल दीजिए आखिर प्यार किया तो डरना क्या । मैने कह दिया तुम ही बनोगी मेरी बीवी न० 1 तभी रतन आ गया और बोला अच्छा मतलब एक भइया और दूसरा सइयाँ । मैने कहा हाँ रतन देखो राधा तुम्हारी भाभी और मेरी दुल्हन । तभी रतन लीला से पूँछा अच्छा ये बताओ हम दोनो तो जुड़वा है एक ही सकल के तो तुमने भाई बनाया और इस पति ऐसा क्यों ? तब लीला ने बताया कि मेरा सपना था कि मेरे पति का नाम प्रेम हो । जो हमेशा प्रेम से बातें करे । परिवार के लिए भी उसके दिल मे प्रेम हो । और मुझे बहुत ही प्रेम से रखे । तो इसलिए मैने इन्हें चुना । ( इस तरह से प्रेमलीला एक दूसरे के हो गए ) … 😊

Saurabh Kaithwasसौरभ कैथवास
इलाहाबाद, उतर प्रदेश

10.1K+

Users who have LIKED this post:

  • avatar

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account