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व्यंग्य-लेखःः ड्रग्स मंडली::-वीरेंद्र देवांगना

व्यंग्य-लेखःः
ड्रग्स मंडली::
अभी तक भजनमंडली, कीर्तनमंडली और रामायणमंडली का नाम सम्मान से लिया जाता था, लेकिन दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उपजे परिस्थितियों से ‘ड्रग्स मंडली’ का महिमामंडन हो गया है।
सुनने में आता है कि यह मंडली किसी चंडाल चैकड़ी से कम नहीं है। यह हीरो-हिरोइनों को पहले ‘कोको’ पार्टियों में जश्न मनाने के लिए नशा वैसे ही परोसती है, जैसे किसी नौसिखिए को दारू और सिगरेट पीने के लिए फ्री में परोसा जाता है।
जब एक अनाड़ी ड्रग्स का खिलाड़ी बन जाता है, अर्थात उसके खून में नशा की खुमारी चढ़ जाती है, तब वह मुफ्त में लुटाए गए माल की कीमत सूद सहित वसूलता है। कहा जाता है कि यह एक ऐसा खेल है, जो बालीवुड में खूब खेला जाता है, इसलिए इसे बालीवुड नहीं ‘ड्रग्सवुड’ कहा जाता है।
इधर ड्रग्स बालीवुड को नशेड़ी, गंजेड़ी और भंगेड़ी बना रहा है, उधर अभिनेत्री से नेत्री बनी एक ‘आदरणीया’ का कहना है कि ‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करना उचित नहीं है।’ इन महोदया से पूछा जाना चाहिए कि ऐसा तर्क तो वही दे सकता है, जिसे ऐसी दुव्र्यवस्था की रजामंदी हो और थोथी दलीले पेश उसको ढांपने की कोशिश की जा रही हो।
थाली में मदहोशी परोसी जा रही हो, तो उसका विरोध क्यों नहीं किया जाना चाहिए? ऐसी दलील तो यथास्थिति बनाए रखने का हिमायती ही दे सकता है। बदलाव करने के लिए या गंदगी साफ करने के लिए थाली तो क्या उस सबमें छेद कर देना चाहिए, जो ऐसी कुव्यवस्था बनाए रखने के पक्षधर हैं।
यह शोध का विषय है कि बालीवुड को ड्रगवुड किसने बनाया? कौन इसके पीछे है? यह कहां से आता है? कितने हीरो या हीरोइन इसके आदी हैं? इन सबका पर्दाफाश होना ही चाहिए, ताकि पर्दे पर अभिनय का स्वांग रचनेवालों की ‘कोकोलीला’ सामने आए?
लोगों को यह तो पता चले कि उनके नायक कितने लायक हैं। उनमें नायकत्व का माद्दा है या खलनायकत्व का। जांच से दूध का दूध और पानी का पानी तो हो कि वे किस ‘गटर’ में डूबे हुए हैं, जिसे भारतीय सहित दुनिया रोलमाडल मानती है। वे कैसा आदर्श पेश कर रहे हैं।?
कहा जाता है कि ड्रगलीला, किसी रामलीला, रासलीला और प्रेमलीला से अधिक रोचक व रोमांचक होता है। इसके सेवन से स्वर्गानुभूति होती है।
देखना यही है कि इस लीला के लीलाधारी कौन-कौन हैं? अभी बालीवुड की मस्तानी, ड्रग्स की दीवानी बनकर उभरी है। …और कितने दीवाने-मस्ताने हैं, जो ड्रग्स में डूबकर समाज में उच्चादर्श पेश कर रहे हैं।
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