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व्यंग्य-लेखः वैश्विक व गली के गुंडे में समानता-वीरेंद्र देवांगना

व्यंग्य-लेखः
वैश्विक व गली के गुंडे में समानता:
द्वितीय विश्वयुद्ध के दरमियान, मित्रराष्ट्र जितना हिटलर और मुसोलिनी से खौफ नहीं खाते थे; उससे कहीं अधिक पिद्दी से देश के सनकी तानाशाह किम जोंग उन को तृतीय विश्वयुद्ध का वाहक मानकर खौफजदा हैं। उसकी हरकत दुनिया को विश्वयुद्ध के ऐसे ज्वाला में बदल सकती है, जिसमें तबाही की गारंटी पक्की है।
वह किसी को कुछ नहीं समझता। सबका मखौल उड़ाता है। सबको चिड़ाता है और मनमर्जी करता रहता है। वह छह बार हाईड्रोजन बम का परीक्षण कर चुका है और प्रशांत महासागर में फोड़ने की धमकी दे चुका है।
वह महाबली अमेरिका को राख में बदलने, जापान को समुद्र में डुबोने और दक्षिण कोरिया को मटियामेट करने की कसमें आए दिन खाता रहता है। खबर है कि वह अपने आका चीन से भी चिड़ गया है और प्रक्षेपास्त्र का मुंह उसकी ओर मोड़ दिया है।
सुनने में आता है कि उसको इस मुकाम तक पहुंचाने में पाक-चीन ने उसकी भारी मदद की है। ये देश उसे बम बनाने की तरकीबें मुहैया करवाते रहते हैं, इसलिए इन्हीं से उनकी दांत काटी रोटी है।
चीन उसका व्यापारिक साझेदार भी है, जो चोर-चोर मौसेरे भाई को चरितार्थ करता है। चीन अपना कपड़ा उत्तर कोरिया में तैयार करवाकर ‘मेड इन चाइना’ का ठप्पा लगाता है और सारी दुनिया को बेवकूफ बनाता रहता है।
अब चीन के भी कान खड़े हो गए हैं। सच है, जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह खुद उसमें पहले गिरता है। महासागरों में हाईड्रोजन बम फोड़ने से जो सुनामी, ज्वारभाटा और जलजला उठेगा, उसके जलप्रलय से अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया तो क्या चीन-पाक सहित समूची दुनिया के डूबने की आशंका है?
इस छटांकभर मुल्क की शिकायत कई बार संयुक्त राष्ट्र संघ में की जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र संघ इसपर प्रतिबंध लगाने और इसके दिमाग को दुरूस्त करने का प्रस्ताव पारित कर चुका है। मगर चीन के चलते यह उसी तरह बचा रहता था, जिस तरह पाकिस्तान बचता रहता है।
इसका तानाशाह ऐसा सनकी है कि वह जब हंसता है, तो उसके आसपास रहनेवाले हंसते हैं। वह जब रोता है, तो उसके आसपास रहनेवाले रोते हैं। वह सेना प्रमुख को इसलिए मौत की नींद सुला चुका है; क्योंकि वह एक कार्यक्रम के दौरान झपकी ले लिया था। वह अपने सगे मामा को भी बेवजह मौत के घाट उतार चुका है।
सुनने में आता है कि वह भारतीय राक स्टार बाबाओं की तरह बलात्कारी भी है, जो सुंदर स्त्रियों के साथ मुंह काला करता रहता है और जब वे प्रिगनेंट हो जाती हैं, तो उनको मौत के घाट उतार देता है।
उसके देश में जिन्स पहनने की मनाही है। वह जैसा बालकट रखता है, वैसा पुरुषों को रखना पड़ता है। उसके देश के सभी घरों का रंग ग्रे कलर का है। उत्तर कोरिया में इंटरनेट व मोबाईल फोन प्रतिबंधित है। वहां सरकारी टीवी चैनल के अलावा कोई प्राइवेट टीवी चैनल नहीं है। न हीं कोई विदेशी चैनल वहां पहुंच सकता है। वह दुनिया से कटा हुआ ऐसा बिगडैल मुल्क है, जो पड़ोसियों से उलझते रहना पड़ोसी धर्म समझता है।
संयुक्त राष्ट्रसंध उस पर कई दफा प्रतिबंध लगा चुका है। बावजूद इसके, वह चीन-पाक की मदद से हाइड्रोजन बम बनाने में सफल हो गया है। सुना जाता है कि पाक ने उत्तर कोरिया को न्यूक्लियर टेक्नोलाॅजी दिया है। उसके फर्जी वैज्ञानिक ने मिसाईल कार्यक्रम दिया है।
मेरे गली में भी ओछे नेताजी का पाला-पोसा एक गुंडा है, जो नेताजी को छोड़कर किसी को कुछ नहीं समझता। नेता कहता है कि चुप बैठ, कोई पत्थरबाजी, बमबारी, गालीगलौच, मारकाट नहीं, तो वह कुछ दिन के लिए चुप्पी साघ लेता है। फिर जब नेता उकसाता है, बर्गलाता है, तो वह मारकाट, तोड़फोड़ में उतर आता है।
वह किसी पड़ोसी को तालाब में डुबोने की धमकी देता है, किसी के घर में बम फोड़ने की, कहीं घर को जला देने की, कहीं घर में मैला बांधने और कहीं घर में कचरा डालने की धमकी देता रहता है। इस तरह वह डरे हुए से रंगदारी वसूलता है। जब कोई हफ्ता देने से नानुकूर करता है, तो उसके घर में राकेट छोड़ देता है।
जब पुलिस में शिकायत की जाती है, तब मामला को रफादफा करने का उलटा दबाव पुलिस पर पड़ने लगता है। बेचारी पुलिस को नौकरी जो करनी रहती है, इसलिए मामला यहीं सुलटाकर अपनी नौकरी बचा लेता है। …यह सिलसिला उसी तरह चलता रहता है, जिस तरह संयुक्त राष्ट्र संध में उत्तर कोरिया के लिए चला करता है।
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