Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

पढ़ाकर तो देखो Gazal By Rahul Red

भँवर में सही कश्ती को मुड़ाकर तो देखो
बारिश में पैर जमीं पे गड़ाकर तो देखो

कुछ भी है मुमकिन अगर ठान लें हम सब
हाँथ समानता की ओर बढ़ाकर तो देखो

भेदभाव ख़त्म कर अब अपनी बेटी को
शिक्षा के शिखर पर चढ़ाकर तो देखो

हुनर है इनमे दुनियाँ को बदलने का
बेटियों को बेटों सा पढ़ाकर तो देखो

हैं इनमे सुनीता और कल्पना सी उड़ान
इनके पंखो को फड़फड़ाकर तो देखो ।

© राहुल रेड
फर्रुखाबाद यूपी

832 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Rahul Red

Rahul Red

मैं राहुल रेड फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मैं वीर रस का कवि हूँ।

1 thought on “पढ़ाकर तो देखो Gazal By Rahul Red”

  1. 731789 930230To your organization online business owner, releasing an essential company is the bread so butter inside of their opportunity, and choosing a fantastic child care company often means the specific between a victorious operation this is. how to start a daycare 722351

Leave a Reply

पर्यावरण-पुनः प्रयास करें

पर्यावरण पर्यावरण हम सबको दो आवरण हम सब संकट में हैं हम सबकी जान बचाओ अच्छी दो वातावरण पर्यावरण पर्यावरण हे मानव हे मानव पर्यावरण

Read More »

Join Us on WhatsApp