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चिड़िया-सरफराज-मलिक

भोर हुए सब चिड़िया आये, सबका मन बहलाए , गली गली मे शोर मचाए,बच्चे झुमे नाचे गाए , जब शाम को अँधेरा छाए, घर मे उजाला होता जाए, रात अँधेरी जब छा जाय, सब लोग घर मे सो जाए भोर हुए सब चिड़िया आये सबका मन बहलाए

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