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इंसान नहीं हैवान हैं-अर्चिता-प्रिया

इंसानियत शर्मसार हो गई!
मासूम छः साल की बच्ची दरिंदों का शिकार हो गई !जिसने अभी चहकना ही सीखा था…
खुले आसमानों में तितलियों के पीछे
भागना ही सीखा था …..
इंसान रूपी हैवान के आंखों को जच गई !
अस्मिता उसकी तार-तार हो गई !
इंसान के रूप में पूरा जानवर है वो
हैवानियत की हर सीमा पार कर दी !
एक इंसान रुपी जानवर ने
जीते जी एक बच्ची का जीवन बर्बाद कर दी !
धिक्कार ! समाज पर है….
जहां रहते हैं भेड़िया रूपी इंसान
और हम सब सिर्फ मोमबत्ती जलाकर ….
करते हैं इंसाफ की गुहार !
बेटी बचाओ…. बेटी पढ़ाओ…. का नारा बंद करो !
पहले पढ़ाओ बेटों को ….
संस्कार सिखाओ बेटों को….
नारी की इज्जत सम्मान करें….
ना अपने मां के कोख को शर्मसार करें ! ! !

धन्यवाद दोस्तों 🙏🏼🙏🏼💐💐

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