Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

लोकाक्ति की विशेषताएं::- वीरेंदर दिवांगना

लोकाक्ति की विशेषताएं::
{1} यह एक संपूर्ण वाक्य होता है, जो मुहावरे की तरह ही सामान्य अर्थ को छोड़कर असामान्य अर्थ प्रकट करता है।
{2} वाक्य को सजाना, प्रभावपूर्ण और संुदर बनाना तथा सरसता प्रदान करना, इसकी दूसरी विशेषता है।
{3} असाधारणता का प्रकटीकरण इसकी तीसरी विशेषता है। जैसे- कोई कहे,‘‘आंख के अंधे, गांठ के पूरे।’’ तो इसका साधारण अर्थ हुआ-जिसे आंखों से दिखता नहीं, उसके पास रुपया-पैसा का होना।’’ किंतु यही वाक्य कहावत के रूप में प्रयुक्त होता है, तो इसका विलक्षण अर्थ होगा, ‘बेवकूफ, किंतु संपन्न।’
{4} लोकोक्तियां लोक-भाषा में प्रचलित वे सार्थक वाक्य हैं, जो देश-काल और वातावरण की आवश्यकता के अनुसार जनजीवन से भाषा में आई हैं और भाषा को सार्थकता तथा बल प्रदान की हैं। इसलिए इसे ‘लोकवाणी’ भी कहा जाता है।
{5} लोकोक्तियां मनुष्य के विकास के साथ-साथ उसके खान-पान, जीवनयापन के साधन, रहन-सहन, वेशभूषा, बोलचाल, लोकव्यवहार, व्यावसायिकता तथा राजकाज से उपजी हैं और भाषा में समाई हैं। इसके प्रयोग की अधिकता या न्यूनता से यह जाना जा सकता है कि कोई भाषा कितनी समृद्ध, विकसित और समुन्नत है।
–00–

35 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Virender Dewangana

Virender Dewangana

मैं शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हूँ। लेखन में रुचि के कारण मै सेवानिवृत्ति के उपरांत लेखकीय-कर्म में संलग्न हूँ। मेरी दर्जन भर से अधिक किताबें अमेजन किंडल मेंं प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रहती है। मेरी अनेक किताबें अन्य प्रकाशन संस्थाओं में प्रकाशनार्थ विचाराधीन है। इनके अतिरिक्त मैं प्रतियोगिता परीक्षा-संबंधी लेखन भी करता हूँ।

Leave a Reply

पक्षी-संतोष कुमार कोली

पर फैलाता, अनंत नील गगन में। परवान चढ़, आसमाॅऺ नापता खुली पवन में। लहराता, इठलाता, हवा में करता कलोले। मेरा मन, तेज़ उडूॅऺ,या हौले- हौले।

Read More »

“परीक्षा के बाद विद्यार्थी की स्थिति”-प्रिंस स्प्तिवारी

“परीक्षा के बाद विद्यार्थी की स्थिति” सोच रहा है छात्र विचारा, क्या होगा परिणाम हमारा I परीक्षा तो मैंने मन से दी थी, लेकिन पढाई

Read More »

Join Us on WhatsApp