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पाकिस्तान ने करवाया पुलवामा हमला::-वीरेंद्र देवांगना

पाकिस्तान ने करवाया पुलवामा हमला::
पाकिस्तानी संसद में विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की तरफ से ‘भारत के सामने इमरान खान के घुटने टेक देने’ के आरोप का जवाब देते हुए पाकिस्तानी सरकार के विज्ञान व तकनीकीमंत्री फवाद चैधरी ने कबूला है,‘‘हमने हिंदुस्तान को घुसकर मारा है। पुलवामा में हमारी जो कामयाबी है, वह इमरान खान के नेतृत्व में पूरे कौम की कामयाबी है। हमारी कामयाबी आपकी कामयाबी है।’’
जबकि भारत पहले से ही यह आरोप लगाता रहा है कि पुलवामा हमला पूरी तरह पाकप्रायोजित था। लेकिन, पाकिस्तान इसे नकारता रहा है। इसी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किया था।
विदित हो कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को श्रीनगर जम्मू राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले की एक बस को विस्फोटकों से भरी कार ने ठोकर मार दी थी, जिससे 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इसकी जिम्मेदारी पाक स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने ली थी।
इस घटना के ठीक 13वें दिन 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने मध्यरात्रि नियंत्रणरेखा के पार जाकर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। पाकिस्तान कुछ समझ पाता, तब तक भारतीय लड़ाकू विमान अपने काम को अंजाम देकर सकुशल स्वदेश लौट चुके थे।
अपनी इज्जत की किरकिरी देखकर पाकिस्तानी हुक्मरानों और सेना ने अत्याधुनिक एफ-16 लड़ाकू विमानों से 27 फरवरी को मोर्चा खोला। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को भारत की ओर बढ़ता देखकर जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्घमान ने अपने मिग-21 बाइसन से उन्हें ललकारा।
अभिनंदन ने ‘डाग फाइट’ में एफ-16 जैसे आधुनिक विमान को अपने मिग-21 बाइसन से मार गिराया। तभी उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर गुलाम कश्मीर में जा गिरा।
अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया। इससे भारतीय सेना ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव भी पड़ा। फलतः उसने 60 घंटे की हिरासत के बाद अभिनंदन को 1 मार्च को वाधा/अटारी बार्डर पर बीएसएफ को सौंप दिया।
पाकिस्तानी संसद में चले वाद-विवाद में पूर्व विदेशमंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने स्वीकारा कि विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई का असली कारण भारत का खौफ था। उनके अनुसार विदेशमंत्री कुरैशी ने कहा था,‘‘अल्लाह के वास्ते उसको वापस जाने दो। क्योंकि रात नौ बजे हिंदुस्तान, पाकिस्तान पर हमला कर देगा।’’
वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान बैठक में आने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाए। खबर तो यहां तक है कि भारतीय सेना के आक्रमण का खौफ इतना गहरा था कि वहां के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के पैर कांप रहे थे, माथे पर पसीना आ गया था।
इधर भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने अभिनंदन की रिहाई की स्थिति पर स्पष्ट किया है,‘‘पाकिस्तानी सांसद सादिक की बातें सही है। हम हमला करने की तैयारी कर चुके थे। हम पाकिस्तान की फारवर्ड ब्रिगेड को तबाह करनेवाले थे। अभिनंदन के पिता और मैंने एक साथ सेवाएं दी है। इसलिए, जब अभिनंदन का विमान पाकिस्तान में क्रैश हो गया, तो मैंने उनसे कहा कि हम आहूजा को तो वापस नहीं ला सके, लेकिन अभिनंदन को जरूर वापस लाएंगे। पाक समझ चुका था कि हमला होगा, इसलिए अभिनंदन को छोड़ दिया।’’
पुलवामा हमले पर इमरान का झूठ
पुलवामा मामले में इमरान के द्वारा दो झूठ बोला गया है, जो इस प्रकार है।
1. पुलवामा हमले के पांच दिन बाद 19 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था,‘‘पाकिस्तान, पुलवामा में जांच में पूरा साथ देगा। मैं भारत सरकार से कहना चाहता हूं कि अगर इस मामले में पाकिस्तान के किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई सबूत मिले, तो हम कार्रवाई की गारंटी देते हैं। मुझे पता है कि अभी भारत में लोकसभा चुनाव का मौसम है। इसलिए हमें बिना सबूत दोषी ठहराया जा रहा है।’’
2. जुलाई 2019 में उसने कहा था, ‘‘भारतीय सेना और सुरक्षाबलों की बर्बरता ने एक कश्मीरी लड़के (पुलवामा का आत्मघाती हमलावर) को कट्टरपंथी बना दिया। उसने खुद को उड़ा लिया। भारत से संचालित होनेवाले जैश-ए-मोहम्मद ने ही हमले की जिम्मेदारी ली है। लेकिन, नाम पाकिस्तान का उछाला जा रहा है।’’
वाह इमरान! तुम्हारा कोई जवाब नहीं। इधर, हमले भी कराते हो, उधर भारत पर दोष मढ़ते हो। जबकि भारत ने सबूत भी सौंपा, ंिकंतु पाकिस्तान ने पूर्व की तरह कोई कार्रवाई नहीं किया। केवल जुबानी जमाखर्च किया।
पाकिस्तान का यही दोगलापन और मक्कारी उसकी बरबादी व बदहाली की असल वजह है। आज वह आतंकवादी व गैरजिम्मेदार देश के नाम से दुनिया में बदनाम है, तो वह इन्ही बदनीयतियों की वजह से है।
भारत सरकार को चाहिए कि वह इसके सबूत एफएटीएफ को उपलब्ध कराए, ताकि उसको ग्रे से ब्लैक लिस्टेड किया जा सके और संयुक्त राष्ट्र संघ से अंतरराष्ट्रीय आंतकवादी देश घोषित करवाया जा सके।
ऐेसे पड़ोसी किस काम के जो आतंकवादी हमले कराकर भारतीयों का रक्तपात करते हैं, फिर झूठी सहानुभूति दिखाते हैं और देश-दुनिया में भारत को उल्टे बदनाम करते हैं।
पाकिस्तान के इस कबूलनामे से विपक्षियों को सांप सूंघ गया है। उनके मुंह से एक बोल भी नहीं फूट रहे हैं कि वे इसपर क्या कहें? जबकि पहले वे इसपर राष्ट्रविरोधी और सेनाविरोधी बयान दे चुके हैं।
उधर बीजेपी प्रमुख जेपी नड््डा ने मुख्य विपक्षी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए तंज कसा है कि पाकिस्तान उनका ‘सबसे भरोसेमंद देश’ है। वह उसी की सुन ले। उनको देश या भारत-चीन से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि उन्हें सत्ता से मतलब है।
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