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Category: प्रेरणा स्रोत

Hindi
Manorama-Manorama

” शिक्षा के प्रति हमारा कर्तब्य ” -मनोरमां

विद्या ददाति विनयं। विद्या ददाति यशं। विद्या ददाति बलं। विद्या ददाति धनं। अर्थात विद्या विनय देती है, विद्या यशं (कीर्ति ) देती है ,विद्या बल

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मेरा सिद्धांतहीन गुंडा -राजन आर्य

एक समय की बात हुआ करती थी, जब हमारे देश में गुंडों का भी एक सिद्धान्त हुआ करता था। आजकल तो दुनिया में सद्पुरुषों का

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कविता, ओ गलवान के वीर शहीद -राणा प्रताप

ओ गलवान के वीर शहीद। तु है कितना खुशनसीब। चारो दिशाओं में तेरे ही। शोक के खबरे छायी। रो रही धरती अम्बर। रो रही पर्वत

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