आप भी अपना जीवन बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग – गौरव किशोर सक्सेना

आप भी अपना जीवन बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग – गौरव किशोर सक्सेना

स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग
आप भी अपना जीवन बदल सकते है

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग

12 जनवरी 1863 के दिन विश्वनाथ दत्त के घर एक नये मेहमान का जन्म हुआ जिसका जीवन पूरे भारतवर्ष के साथ सम्पूर्ण विश्व के लिए आदर्श बन जायेगा ऐसा किसी से ने सोचा नही था नये मेहमान का नाम नरेन्द्र था नरेन्द्र ने बंगाल के कायस्थ परिवार में जन्म लिया परिवार के अच्छे संस्कारों और परवरिश के कारण नरेन्द्र एक अच्छी सोच बुद्धि के मालिक बने! नरेन्द्र बचपन में बहुत शरारती और कुशल बालक थे वह बड़े होकर स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रसिद्द हुए !

स्वामी जी के जीवन के बारे में जैसा हम सभी जानते है की उन्होंने विश्व धर्म सम्मलेन में भारत का प्रतिनित्व किया और और अपने विचार और आदर्श से समूचे विश्व को भारत की ओर देखने को मजबूर कर दिया

स्वामी जी ने शिकागो के अपने भाषण को शुरू करते हुए वहा के श्रोताओ के संबोधन में कहा की मेरे अमेरिकावासी बहनों और भाइयों – आपके इस स्नेह और जोरदार स्वागत से मेरा ह्रदय अपार हर्ष से भर गया है मैं आपको संसार की सबसे प्राचीन संत परम्परा की ओर से धन्यवाद देता हूँ मैं आपको सभी धर्मो की जननी की तरफ से धन्यवाद कहूँगा और सभी जाती संप्रदाय के लाखो करोड़ो हिन्दुओ की तरफ से कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ
मेरा धन्यवाद उन कुछ वक्ताओं के लिए भी है जिन्होंने इस मंच से कहा की दुनिया में सहनशीलता का विचार सुदूर पूरब के देशों से फैला है मुझे गर्व है की मैं एक ऐसे धर्म से हूँ जिसने दुनिया को सहनशीलता और सार्वभौमिक ग्रहण करने का पाठ पढ़ाया

और उन्होंने अपना वक्तव्य दिया जिसका सार था की जिस तरह बिलकुल भिन्न स्त्रोतों से निकली विभिन्न नदियाँ अंत में समुद्र में जाकर मिलती हैं, उसी तरह मनुष्य अपनी इच्छा के अनुरूप अलग-अलग मार्ग चुनता है. वे देखने में भले ही सीधे या टेढ़े-मेढ़े लगें, पर सभी भगवान तक ही जाते हैं. अर्थात सभी धर्मो का मूल एक है

स्वामी जी के द्वारा दिए कुछ सरल सूत्र जो आपकी सोच और जीवन बदल सकते है —–
· उठो , जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये .
· उठो मेरे शेरो , इस भ्रम को मिटा दो की तुम निर्बल हो , तुम एक अमर आत्मा हो , स्वच्छंद जीव हो धन्य हो सनातन हो.
· लगातार पवित्र विचार करते रहे बुरे संस्कारों का दबाने के लिए एक मात्र समाधान यही है.
· जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी शानदार होगी.

· सभी शक्ति तुम्हारी भीतर है आप कुछ भी और सब कुछ कर सकते हो.
· मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है.
· जब तक आप खुद पर विश्वास नही करते , तब तक आप भगवान पर विश्वास नही कर सकते.
· खुद को कमजोर समझाना सबसे बड़ा पाप है.

निवेदक:- गौरव किशोर सक्सेना
भोपल(मध्य प्रदेश)

आप भी अपना जीवन बदल सकते है स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक प्रसंग – गौरव किशोर सक्सेना
Rate this post

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account