असफल से सफ़ल – दिशा शाह

असफल से सफ़ल – दिशा शाह

आसफलता हर कोई के ज़िंदगी पर आती है.जो इंसान सफलता के बार्रे में अच्छे से समज जाए तोह उसको जिंदगी में सफ़ल होने से कोई नहीं रोक सकता. जेसे हमारे जीवन में सफलता आती है .तोह हम सफलता को स्वीकार करते है ठीक वैसे ही जिंदगी में असफलता आए हमेशा तोह जिंदगी में सफलता नहीं रहेती कभी सुख कभी दुःख आते रहेता है . जब हमारे जिंदगी में असफ़ल्ता आए तब हमे उदास होकर उसका सामना नहीं करना है. हमे दद्घ/हिम्मत से उसका सामना करना है . कोई भी मुसीबत हमारे आगे बड़ी नहीं होती .उसका उपाए मुसीबत में ही छुपा हुआ होता है . बस हम को ढूंढ़ना होता है. सबसे पहले हमें पूरी तरीका से सफलता को अपना ना होता है. कोसिस करते रहेना चाहिए . हमे रुकना नहीं है बस चलते रहेना है .
जैसे सुख फीर दुःख आते रहते है
वैसे अंधकार फीर रौशनी
वैसे असाफा से सफल
जैसे वैज्ञानिक लोग असफलता को अच्छे से अपनाते है . वो लोग के जीवन पर चाहे कितनी भी मुसीबत आए वो कभी भी कतराते नहीं बल्कि उसका सामना करते है और जित हासिल करते है.
उदाहरण थॉमस अल्वा एडिशन ९९९९ बार प्रयत्न किया बल्ब आविष्कार का और १०००० में थॉमस एडिसन की कोसिस सफल हुई.
मसूर नायक अमिताभ बच्चन एक समय ऐसा था अमिताभ जी को रेडियो कंपनी में आवाज के वजह से जॉब नहीं मिला था और कही फिल्में फ्लॉप गयी फिर भी हर नहीं माना दढ़ /से कोसिस से अपनी मेहनत से अपनी कामयाबी हासिल की. हमे भी हमारे आने वाले जिंदगी में असफ़लता आए तब उसका सामना हिम्मत हिम्मत से दढ़ रहकर कोसिस मेहनत से असफ़लता को जितना होता है . सफलता खुद चलकर हमारे पास आएगी.

दिशा शाह

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

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