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बनाइए कार्य प्राथमिकता फेहरिस्त-वीरेंद्र देवांगना

बनाइए कार्य प्राथमिकता फेहरिस्त::
दिनभर के कार्यो की सूची बनाइए। उसमें भी जिसे करना जरूरी हो, उसको पहले क्रम पर रखिए।
1. जो जरूरी हो, उसे पहले निपटाइएः पहले क्रम में रखे गए कार्यो को पहले और सबसे पहले निपटाइए। फिर अन्य आवश्यक कार्यो को कीजिए। हो सकता है, इस बीच फिर जरूरी कार्य आ जाए, तो उसे प्राथमिकता दीजिए। तात्पर्य यह कि कार्यो को यथाशक्ति क्रम देकर निपटाते जाइए, ताकि आप हल्के होते जाएं और दूसरों के लिए समय निकालते जाएं। इसलिए, इसके लिए जरूरी है किः-
2. आज का काम अभी कीजिएः आज का काम अभी करने से इसके बाद आपके पास जो खाली समय बचता है, उसका सदुपयोग अन्य कार्यों को निपटाने में लगा सकते हैं। इससे जहां आप अधिक काम करनेवाले बन सकते हैं, वहीं ज्यादा काम कर जल्दी कामयाबी पा सकते हैं।
3. कल का काम रात को निपटाइएः जो काम आनेवाले कल को सुबह-सुबह करना जरूरी है, उसको रात को सोने के पहले निपटा देने से काम का बोझ नहीं रहता। आप हल्का महसूस करते हैं, निष्फिक्र होकर नींद अच्छी ले सकते हैं। अगले दिन के लिए बेहतर रूप से तरोताजा हो सकते हैं।
4. घड़ी के काटे को बढ़ाकर रखिएः यह आजमाई हुई बात है कि कामयाब होने के लिए घड़ी के कांटे को हमेशा बढ़ाकर रखना चाहिए। इससे जहां पांच-दस मिनट पहले जागने व तैयार होने का समय मिल जाता है, वहीं बचे हुए समय में सोच-विचार किया जा सकता है, जो आपकी कामयाबी को चार चांद लगा सकता है।
5. घड़ी के सूई के साथ चलिएः समय किसी के लिए न रुका है, न किसी के कहने पर रुक सकता है। इसीलिए घड़ी की सूई के साथ चलते हुए सुबह अपने उठने के निर्धारित समय से 15 मिनिट पहले उठिए और रात को सोने के निर्धारित समय से 15 मिनिट पश्चात सोइए। वक्त के एक-एक पल को कुशलतापूर्वक उपयोग कीजिए। ‘वक्त’ और ‘अध्यापक’ हमें यही सिखाते हैं। पर दोनों में फर्क सिर्फ इतना है कि ‘अध्यापक’ सिखाकर ‘परीक्षा’ लेता है, तो वक्त ‘परीक्षा’ लेकर सिखाता है।
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Virender Dewangana

Virender Dewangana

मैं शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हूँ। लेखन में रुचि के कारण मै सेवानिवृत्ति के उपरांत लेखकीय-कर्म में संलग्न हूँ। मेरी दर्जन भर से अधिक किताबें अमेजन किंडल मेंं प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा समाचार पत्र-पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं निरंतर प्रकाशित होती रहती है। मेरी अनेक किताबें अन्य प्रकाशन संस्थाओं में प्रकाशनार्थ विचाराधीन है। इनके अतिरिक्त मैं प्रतियोगिता परीक्षा-संबंधी लेखन भी करता हूँ।

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