लालच महँगी पड गयी – दिशा शाह

लालच महँगी पड गयी – दिशा शाह

एक गांव में एक खेत दूत रहता था . उसके पास एक सोने की मुर्गी थी . वो रोज सोने का अंडा देती थी . उसका गुजारा  बोहोत अच्छे से चल रहा था . एक बार उसके दिमाग में एक सवाल आया की . मुर्गी रोज सोने का अंडा देती है. तोह अगर मुर्गी को मार  दिया जाये , तोह एक ही बार में बहुत सारा सोने का अंडा निकलेगा और उसको बेच कर वो एक ही बार में आमिर हो जाएगा . तोह खेत  दुत नै दूसरे दिन ही मुर्गी को मार  डाला . और उसमें एक भी  सोने का  अंडा नहीं निकला .और मुर्गी को मार डालने से उसको धंधा में बड़ा घाटा हुआ . और खेत दूत को अपनी गलती का अहसास हो गया की उसने कितनी बड़ी गलती की लालच में आ के ,उसके पास जो भी था उसको खोना पड़ा . लालच इंसान को कहा से कहा तक ले जाती है .ये हम को पता होना चाहिए. ये कहानी से हमें सबक मिलता है की हमें कभी भी लालच में नहीं आना है . हमारी पास जो है उसीमें हमें खुस रेहना सीखना चाहिए .

दिशा शाह

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

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comments
  • यह कहानी तो हम बचपन से पढते और सुनते चले आ रहे है फिर आपको तो अपनी रचना लिखनी चाहिए थी यह तो किसी और की है

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